About Me

Hello friends!!!
सिकंदर जब अपनी जिंदगी की आखरी सांसे ले रहा था तब उसने अपने चिकित्सको से एक इच्छा जाहिर की और कहा कि मै अपनी माँ को देखे बिना नहीं मरना चाहता हूँ | सिकंदर की माँ दूर गॉव में रहती थी | कम से कम चौबीस घंटे लग जाते उन्हें पहुचने में लेकिन सिकंदर के पास इतना वक्त नहीं था | उसने अपने चिकित्सको से कहा कि मै सब कुछ देने के लिए तैयार हूँ, जो भी तुम्हारी फीस हो ले लो, लेकिन चौबीस घंटे मुझे और जिला दो ताकि जिससे मै पैदा हुआ हूं, उससे विदा तो ले लूं | चिकित्सको ने कहा यह असंभव है | तब सिकंदर ने कहा मै तुमको अपना आधा सम्राज्य दे दुंगा | चिकित्सको को उदास और चुप खड़े देख उसने कहा कि तुम मेरा पूरा सम्राज्य ले लो | वह सोचने लगा काश ! मुझे पता होता कि पूरा सम्राज्य देकर भी एक सांस नहीं मिलती है तो अपने जीवन भर की सांसे इस सम्राज्य के लिए क्यों खराब करता ?
मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि जिंदगी वास्तव में कुदरत का एक अमूल्य उपहार है | इसकी एक – एक सांस बहुत बहुमूल्य है | इसे व्यर्थ नहीं गवाया जा सकता | जिंदगी की वास्तविक उचांइयों को छूने के लिए और समस्त क्षेत्रो में सफलता की कीर्ति पताका फहराने के लिए, हम सब लोगो की आधारशिला और हमारी नीव दोनों का समृद्ध होना जरुरी है | इसलिए थोड़ी सूझ – बूझ और थोड़े परिश्रम से अपनी इस जिंदगी का ख्याल रखना चाहिए |
 
मैंनेख्याल रखे” Blog क्यों बनाया
आज इस भाग – दौड़ की जिंदगी में इंसानों के बीच एक सूक्ष्म प्रतियोगिता चल रही है | इस प्रतियोगिता में सबसे आगे निकलने के चक्कर में हम अपना तथा अपनों का ख्याल नहीं रख पाते है | मेरी कोशिश है कि मै अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको अपना और अपनों का ख्याल रखने में मदद करूँ |
 
कुछ मेरे बारे में जानकारी

मेरा नाम बबीता सिंह है और मैं एक अध्यापिका हूँ और साथ ही एक NGO से जुड़कर महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रही हूँ |

Educational Qualification –
  •       Masters degree in hindi and home science
  •       Bachelors degree in Education (B.Ed.)

 

जीवन के अनुभव
 
किताबे पढने का शौक मुझे बचपन से रहा है और इस कारण मैंने काफी साहित्य पढा है | किताबों और जीवन से मैंने बहुत कुछ सिखा है | जीवन में परेशानी और दिक्कतें तो आते ही है | न आए तो जीवन कैसा ? इसलिए सुख हो या दुःख सबसे बांटती हूँ क्योंकि आप अकेले बोल तो सकते है, परन्तु बातचीत नहीं कर सकते है | आप अकेले आनन्दित हो सकते है परन्तु उत्सव नहीं मना सकते | अकेले आप मुस्करा तो सकते है परन्तु हर्षोल्लास नहीं मना सकते | हम सब एक – दूसरे के बिना कुछ नहीं है और यही हमारे रिश्तों की खूबसूरती है | रिश्तों की जिंदगी में क्या अहमियत होती है इसका अनुभव मुझे है क्योंकि मैंने रिश्तों को खोया है और मैं नहीं चाहती कोई और भी रिश्तों को खोए | khayalrakhe.com के माध्यम से मेरी कोशिश रहेगी कि आप की मदद कर सकूं चाहे वह रिश्तों में दरारे भरना हो या emotional हो या फिर financial इससे मुझे खुशी होगी |
मेरा उद्देश्य
अपने ब्लॉग “khayalrakhe.com ” के माध्यम से अपने readers को life से जुड़ी समस्याओं  जैसे सेहत, self improvement , motivate करने, रिश्तों की उलझनों आदि को सुलझाने और उनके बारे में aware करने की एक छोटी सी कोशिश है | मेरा मानना है कि अगर समस्या है तो उसका समाधान भी है जरुरत है तो बस उसे पहचानने की | khayalrakhe.com के माध्यम से मेरी हमेशा यह कोशिश रहेगी कि समस्या को पहचान कर उसे दूर करने में आपकी मदद कर सकूं |

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