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काम के बोझ से तंग आकर ये बड़ी गलती करते है कुछ लोग

काम का बोझ (Kam Ka Bojh In Hindi)

Kam Ka Bojh In Hindi - Kam Ka Bojh
Kam Ka Bojh In Hindi – Kam Ka Bojh

Kam Ka Bojh In Hindi – आप कहीं भी रहें या आपके साथ कैसी भी स्थिति हो, अभिभावक बनने का कर्तव्य निभाना आसान नहीं है। कई तो इस दायित्व से काफी परेशान और व्याकुल हो जाते हैं। इससे भी ज्यादा कठिन तब होता है जब परिवार के सदस्य किसी भी प्रकार के सहयोग तथा समर्थन के लिए आगे नहीं बढ़ते हैं क्योंकि ऐसे ही वक्त पर किसी न किसी का सहयोग जरूरी हो जाता है। यह सही है कि सभी व्यक्ति किसी न किसी के प्रकार सहयोग की इच्छा रखते हैं।

बच्चे माता-पिता की परेशानी से बहुत अधिक प्रभावित होते हैं जिससे पारिवारिक स्थिति बिगड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है। अगर अभिभावक परेशानियों से तंग आकर अपने बच्चे को इसका निशाना बनाते हैं तो इसका परिणाम अच्छा नहीं होता है, लेकिन अगर माता-पिता अपनी समस्याओं को ठीक ढंग से सुलझाते हैं तो बच्चे भी उन्हीं की तरह कठिनाइयों का सामना करना और समस्याओं का समाधान करने जैसी आदतों को सिखाते हैं।

अभिभावक अपनी बोझ व समस्याओं को कई प्रकार से दूर कर सकते हैं। अभिभावकों के ऊपर काफी बोझ रहता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वह अपनी परेशानियां दूर करने के लिए बच्चों के साथ मारपीट करें। हमेशा दुखी रहना, थका हुआ महसूस करना, आंखें नम रहना तथा हर वक्त गुस्से में लाल रहना परेशानी व तनाव का सूचक है।

इस प्रकार की स्थिति से अभिभावक सचेत हो जाएं और अपनी व्यवहार में अंतर लाने की चेष्टा करें जिससे कि परिवार का माहौल खराब नहीं हो। खासकर, जब अभिभावक अपनी समस्या का समाधान करने में असमर्थ महसूस करने लगे तो उन्हें इस बात पर जरूर ध्यान देना चाहिए। बाहर या निजी समस्या से तंग आकर बच्चों के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार करना अपने परिवार की खुशी व शांति को भंग करना है।

इससे बचने के लिए अभिभावक को निश्चित ही कोई हल ढूंढना चाहिए। आप कुछ भी कर रहे हैं, लेकिन थोड़ा वक्त निकाल कर जरूर एकांत में सोचें, आराम करें और अपनी व्यस्तता से दूर हटकर थोड़ी देर सुख शांति लाने के विषय में विचार करें। अगर आप स्थिति के विस्फोटक परिणाम तक पहुंच चुके हैं, तो आप एक से दस तक गिने का अभ्यास करना शुरू कर दें और थोड़ी देर के लिए चिंता विमुक्त हो जाएं। मुझे विश्वास है कि इस अभ्यास से आपको शांति मिलेगी तथा बच्चे आपके गुस्से के कोप का भजन नहीं बनेंगे।

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इस लेख का उद्देश्य अभिभावक और बच्चे के रिश्ते को और आधिक मधुर बनाना है। अगर आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसमें निरंतरता बनाये रखने में आप का सहयोग एवं उत्साहवर्धन अत्यंत आवश्यक है। आशा है कि आप हमारे इस प्रयास में सहयोगी होंगे साथ ही अपनी प्रतिक्रियाओं और सुझाओं से हमें अवगत अवश्य करायेंगे ताकि आपके बहुमूल्य सुझाओं के आधार पर इस लेख को और अधिक सारगर्भित और उपयोगी बनाया जा सके।

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Babita Singh
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