Bhashan Hindi Post Nibandh

रिपब्लिक डे पर बेस्ट शॉर्ट एस्से एंड स्पीच – Best Republic Day Speech in Hindi

Best Republic Day Speech in Hindi
Best Republic Day Speech in Hindi

गणतंत्र दिवस पर भाषण

26 जनवरी 1950 की तारीख़ के सम्मान में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथि, प्रधानाचार्य (Principal) अध्यापक (Tteachers) और प्यारे विद्यार्धियों (Students) को गणतन्त्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

साथियों ! यहां पर हम सब गणतंत्र दिवस का महान राष्ट्रीय पर्व मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं उससे साफ़ पता चलता है कि हमारा गण आज भी एक हैं और स्वतंत्र है। यह सोचकर मैं और अत्यधिक गौरवान्वित महसूस करता हूँ कि हम एक ऐसे देश के वासी है जिसने हम आम गण को कुछ अधिकार दिए हैं, जिनकी बदौलत हम पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी जी सकते हैं। पर इस गणतंत्रता की पूरी कहानी आज भी बहुत कम लोग जानते है। यहाँ पर उपस्थित बहुत से बच्चे यह जानने के लिए बेहद उत्सुक भी हैं कि भारत गणतंत्र कैसे बना और हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में इसका क्या महत्व है ?

बच्चों ! इस दिन की अपनी एक गौरवमयी गाथा और महत्व है । दरअसल विश्व के अधिकतर देशों में अपना उपनिवेश बनाने वाले अंगरेजों ने अपनी प्रभुता की रक्षा के लिए गहरा षण्यंत्र किया । यहां की भोलीभाली जनता जब तक उनके द्वारा किये गए षण्यंत्र को समझ पायी उससे पहले ही देश बुरी तरह से परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ चुका था । हम उनके गुलाम बन चुके थे ।

इस देश पर अपने ढंग से शासन करने के लिए उन्होंने लोगों पर अत्यंत अमानवीय कृत्य किए । इतने से उनका पेट नहीं भरा तो जनता के दिल में दहशत फ़ैलाने के लिए उसने हमारी संस्कृति, सभ्यता, धरोहर को अपने ढंग से मोड़ा-मरोड़ा । हालांकि उन्हें हेर-फ़ेर करने के लिए बड़ी मेहनत करनी पड़ी । भारतीय वीरों ने भी पैर पीछे नहीं हटाये, हँसते – हंसते फाँसी के तख्ते पर झूले, वायसराय की कौंसिल में बम फेंका और स्वतंत्रता की लौ जलायें रखा ।

यह सिलसिला सदियों तक साल तक चलता रहा । ऐन उसी समय, भारत के राजनैतिक क्षितिज पर गांधीजी प्रकट हुए । यदि उस समय गांधीजी देश के स्वाधीनता संग्राम में नहीं उतरे होते और उसकी बागडोर उनके हाथ में नहीं आयी होती तो हमारे संघर्ष की दिशा और स्वरूप कुछ दूसरा ही होता।

बरहाल लोगों में ऐसी मानसिकता पैदा करना कि दुश्मन आप पर भले ही गोली चलाये, आप गोली का जबाब गोली से नहीं देंगे, और फिर भी आप अपना असहयोग आंदोलन जारी रखेंगे – ऐसी दृढ़ता, ऐसी मानसिकता पैदा करना बहुत बड़ी उपलब्धि थी। गांधी जी की इसी भावना के साथ भारत को स्वतंत्रत कराने के ध्येय से 26 जनवरी 1930 को पहली बार भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की। इस एतिहासिक घड़ी ने अचानक ही स्वतंत्रता संग्राम को एक नया मोड़ दे दिया।

एक ओर उच्च नैतिकता का दावा करने वाले अंग्रेज शासकों की असली मानसिकता बेनकाब हो चली थी। वहीं दूसरी ओर, पूरे देश का एकजुट होना और स्वतंत्रता की चाह व्यक्त करते शहीद हो जाना आगे के संग्राम में प्रेरणा का स्रोत बन गया।

तकरीबन दो दशक बाद 15 अगस्त 1947 को भारतवासियों ने वास्तविक स्वतंत्रता का आंनद उठाया, इस दिन आजादी की आस पूरे होते हुए देख कर जनता बहुत ख़ुश थी और दुखी भी, क्योंकि जब भारत आजाद हुआ तो उसके समक्ष अनेक समस्यायें थीं। उनमें से सबसे प्रमुख समस्या थी हमारे पास कोई अपना संविधान न था, अपनी शासन व्यवस्था नहीं थी । तब डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में ‘संविधान सभा’ का गठन हुआ । 

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की देख-रेख में भारत को गणतंत्र बनाने के लिए जो नया और अपना संविधान बना उसके निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 माह तथा 18 दिन लगे । नये संविधान के निर्माण की प्रक्रिया 26 नवम्बर, 1949 को पूरा कर लिया गया, और संविधान सभा द्वारा इसी दिन इसे पारित कर दिया गया लेकिन संविधान के 15 अनुच्छेदों को ही 26 नवम्बर, 1949 लागू किया गया, बाकि संविधान के शेष भाग को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी और प्रत्येक 26 जनवरी को स्वतंत्रता के पूर्व तक स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता था। 

इस प्रकार भारत देश को अपना संविधान मिलते ही यह दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र देश बन गया और इस विराट गणतंत्र के असली भाग्य विधाता डा. भीमराव अम्बेडकर बनें, जिनकी अध्यक्षता में सात सदस्यों की कमेटी ने सन 1950 की 26 जनवरी को संविधान के रूप में अपने देश की सभी जनता को एक ऐसी जबरदस्त ताकत दिया जो हमें मजबूर करती है कि बात चाहे हमारे निजी जीवन की हो या राष्ट्रजीवन की, स्व-अनुशासन का अमोघ अस्त्र हर दृष्टि से सकारात्मक परिणाम देता है। सही गलत का निर्णय लेने की समझ इसी से विकसित होती है।  इस संविधान से भारत के नागरिकों को अपनी सरकार चुनकर शासन चलाने का अधिकार मिला। इस दिन को हमारे देश के आत्मगौरव तथा सम्मान से भी जोड़ा जाता है।

स्वतंत्रता के बाद भारत के ऐतिहासिक संविधान का निर्माण 26 जनवरी 1950 का दिन होने के कारण से इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया और तब से इसके महत्व को सम्मानित करने और ऐतिहासिक स्वतंत्रता को याद करने के लिए प्रत्येक वर्ष इस दिन को ‘गणतंत्र दिवस’ के नाम से एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में बड़ी धूम – धाम से सारे देश में, विशेषत: राजधानी दिल्ली में मनाते है ।

वास्तव में यह भारत के तीन महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षणों में से एक मूल्यवान समय है। देश के तमाम लोगों ने इसके लिए काफी मेहनत की है तभी हम दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र बन पाए हैं। हमारा नाम इस भारतभूमि के साथ जुड़ा है। इसका सम्मान करना हर भारतीय नागरिक का फर्ज है।

इस समारोह में एकत्रित होकर ‘गणतंत्र दिवस’ मनाने का हम सब का एकमात्र उद्देश्य देश के नागरिकों को स्वतंत्रता को सदैव बनाए रखने की प्रेरणा देना है ताकि देश में विभिन्नताओं में एकता, सहयोग, भाईचारे की भावना में वृद्धि हो सके । हम सब को यह राष्ट्रीय पर्व राष्ट्रीय स्वतंत्रता – प्राप्ति आंदोलन में किए गए संघर्षों और बलिदानों की भी याद दिलाता है और स्वतंत्रता हर मूल्य पर बनाए रखने की प्रेरणा देता है। यह दिवस हमारी राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। यह दिन हम सब के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और शान है । यह दिवस हर भारतीय का अभिमान है । जय हिन्द जय भारत।

*******************************************************************************************

Related Post ( इन्हें भी जरुर पढ़े )

देशभक्ति कविता – देश-प्रेम के ऊपर प्रेरणादायक देशभक्ति कविता

गणतंत्र दिवस छोटा भाषण – प्रिंसिपल, टीचर्स एंड छोटे – बड़े स्टूडेंट्स के लिए।

26 जनवरी पर विस्तृत भाषण – Very Easy Bhashan on 26 January Hindi

गणतंत्र दिवस पर विस्तृत निबंध – Republic Day Essay in Hindi

देश भक्ति शायरी – 51 + देश भक्ति एसएमएस शायरी

देशभक्ति नारे – 31 प्रसिद्ध देशभक्ति नारा और शक्तिशाली उद्धरण

Freedom Fighters Slogans – 51 स्वतंत्रता सेनानी नारे और सुविचार

देश भक्ति सुविचार और अनमोल वचन – Great Patriotic Quotes In Hindi

यदि आपको ‘गणतंत्र दिवस पर निबंध एवं भाषण – Very Easy Bhashan / Speech on 26 January Republic Day in Hindi Language अच्छा लगा हो तो हमारे www.facebook.com को जरुर like करे और  इस post को share करे । और हाँ हमारा free email subscription जरुर ले ताकि मैं अपने future posts सीधे आपके inbox में भेज सकूं ।

Loading...
Copy

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *