Hindi Post

बसंत पंचमी के उल्लास पर कविता

वसंत पर कविता

Vasant Panchami Poem in Hindi
Vasant Panchami Poem in Hindi

बसंत पंचमी पर कविता – Basant Panchami Motivational Poems in Hindi

पतझड़ बहुत हो चुका अब तक, अरे! विश्व-उद्यान में।
किंतु स्वयं ‘ऋतुराज’ जुटे अब, वासंती निर्माण में।।
हाँ ! जहरीली हवा घृणा की, बेशक ही मगरूर थी।
स्नेह और समता का उपवन, झुलसाने को क्रूर थी।।
मानवीय उपवन पर उसने, मनमाना विषवमन किया।
संवेदन के रस को उसने, मानव-मन से सुखा दिया।।
लेकिन अब रसधार वासंती, मचल रही युगप्राण में।
आज स्वयं ‘ऋतुराज’ जुटे अब, वासंती निर्माण में।।
स्नेह और समता की सरसों, फूली मन के आँगन में।
संवेदन रस छलक रहा है, भावों के वृंदावन में।।
उमड़ रहा उत्साह वसंती, प्राणों में जनमानस के।
और उमंगें उछल रही हैं, फूट रहे झरने रस के।।
‘भाव-संपदा’ मनोभूमि के खेतों में, खलिहान में।
आज स्वयं ‘ऋतुराज’ जुटे अब, वासंती निर्माण में।।
नई प्रेरणाओं के पल्लव, लहराते जनमानस में।
नए-नए संकल्प उठ रहे हैं, अब तो मानव मन में।।
सत्यप्रवृत्तियों की कलियाँ अब, अनायास ही महक रहीं।
सद्भावों के सुमन खिल रहे, कुंठाएँ अब चहक रहीं।।
वासंती उभार आया है, युग कोकिल के गान में।
आज स्वयं ‘ऋतुराज’ जुटे अब, वासंती निर्माण में।।
वासंती भावों से वंचित नहीं रहें, युगसेनानी।
वासंती इतिहास बन रहा, पिछड़ न जाएँ बलिदानी।।
दिशा-दिशा से गूँज रहा अब, वासंती संदेश है।
स्वर्ग धरा पर उतर रहा, पहिने वासंती वेश है।।
वासंती संकल्प जुटें अब, नवयुग के आह्वान में।
आज स्वयं ‘ऋतुराज’ जुटे अब, वासंती निर्माण में।।

यह भी पढ़ें –

Basant Panchami (नूतन उत्साह का प्रतीक बसंत पंचमी पर्व)

सरस्वती पूजा की विधि व महत्व

Basant Panchami Motivational Poems in Hindi – बसंत पंचमी पर कविता के इस प्रेरणादायी कविता के साथ हम चाहते है कि हमारे Facebook Page को जरुर like करे और  इस post को share करे और हाँ हमारा free email subscription जरुर ले ताकि मैं अपने future posts सीधे आपके inbox में भेज सकूं

Babita Singh
Hello everyone! Welcome to Khayalrakhe.com. हमारे Blog पर हमेशा उच्च गुणवत्ता वाला पोस्ट लिखा जाता है जो मेरी और मेरी टीम के गहन अध्ययन और विचार के बाद हमारे पाठकों तक पहुँचाता है, जिससे यह Blog कई वर्षों से सभी वर्ग के पाठकों को प्रेरणा दे रहा है लेकिन हमारे लिए इस मुकाम तक पहुँचना कभी आसान नहीं था. इसके पीछे...Read more.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *