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बाल दिवस पर निबंध व भाषण : 14 Nov Children’s Day 2019 Essay And Speech In Hindi

बाल दिवस पर निबंध और भाषण (Essay And Speech On Bal Diwas (Children’s Day) In Hindi)

यहाँ हम आपके लिए बहुत सरल और आसान शब्दों Two Long and Short Speech on Children’s Day in Hindi – बाल दिवस पर बड़ा और छोटा दो भाषण उपलब्ध करा रहे हैं, जिसमें से एक प्रधानाध्यापक और अध्यापकों के लिए है तथा दूसरा भाषण बच्चों और छात्रों के लिए लिखे गए है। Long and Short Speech on Children’s Day in Hindi for School Students, Teachers, Principal and All

Children's Day Speech in Hindi
Children’s Day Speech in Hindi

बाल दिवस पर भाषण: प्रधानाध्यापक और शिक्षक के लिए बाल दिवस पर भाषण

बाल दिवस भाषण 2019 : बाल दिवस के इस विशेष कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथि, अध्यापकों और प्यारे साथियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। बाल दिवस की शुरुआत तो तुर्की में 23 अप्रैल को हुयी परन्तु पूरे भारत में संयुक्त रूप से बाल दिवस हर वर्ष 14 नवम्बर को मनाया जाता है। बच्चों के लिए यू तो हर पर्व विशेष होता है । लेकिन यह दिन पूरी तरह बच्चों को समर्पित एक महत्वपूर्ण दिन है । इसमें वे ढ़ेर सारी मस्ती-मजा करते है । बाल दिवस (Children’s Day) बच्चों के मन को खुशियों से भर देता है।

इस दिन पूरे देश में खासतौर पर इस स्कूल में शिक्षकों और बच्चों के द्वारा जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है उससे बच्चे सच बोलना, सहयोग करना, निष्पक्षता, राष्ट्रीयता, समयबद्धता, सहिष्णुता, करुणा आदि मानवीय गुणों को सीखेंगे । और यही गुण इनमें पुष्पित, पल्लवित व विकसित होकर इन्हें देश का अच्छा नागरिक बनाने में सहयोग करेंगे। हमारे लिए यह परम गौरव की बात है कि इस तरह के कार्यक्रम का मैं एक हिस्सा हूँ ।

मेरे प्रिय गणमान्य मित्रों, आपको बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि बाल दिवस 1956 से 14 नवम्बर को मनाया जा रहा है । भारत में यह दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर उनको श्रद्धांजलि देने के लिए 14 नवंबर को मनाया जाता है । नेहरू जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाने की असली वजह यह है कि नेहरू जी को नन्हें, मुन्ने बाल – गोपाल अति प्रिय थे। वे बालको के साथ खेलते थे, उनका मन बहलाते थे, गरीब असहाय बालकों की मदद करते थे। बच्चे भी चाचा – चाचा करके उनसे मिलने को उत्सुक रहते, और उन्हें ‘चाचा नेहरू’ कहकर पुकारते थे एवं इस तरह प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू ‘चाचा नेहरू’ के नाम से विश्व – विख्यात हो गये।

आज के आयोजनों में नेहरू जी के प्रति श्रद्धाजलि अर्पित करके उनकी शिक्षाओं, आदर्शों तथा सिद्धांतो को याद किया जायेगा । बच्चों को निबंध प्रतियोगिता चाचा नेहरु के नारे व भाषण द्वारा ज्ञान प्राप्त कराया जायेगा । चुकी पण्डित नेहरू स्वयं बाल दिवस के प्रेरक और संचालक थे। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण बनाने में और बच्चों के विकास पर बहुत ध्यान दिया । वे हमेशा से बच्चों को ऊर्जावान बनाने के लिए उनका हौंसला बढ़ाते रहते थे ।

हम सब जानते है कि वर्तमान भारत में बाल अपराध बड़ी तेजी से बढ़ रहा है । बच्चे अपराधिक प्रवृत्तियों में लिप्त होने लगे है । चोरी, डकैती, लूटपाट, आगजनी, ड्रग्स सेवन, मद्यपान, धूम्रपान आदि बहुत सी गंदी आदतों का शिकार होने लगे है । बच्चो का इस तरह का व्यवहार न केवल माता – पिता एवं परिजनों के लिए एक विकट समस्या है बल्कि समाज के लिए भी हानिकारक है । 

बलात्कार, ट्रेन डकैती, लूटपाट,चैन स्नैचिंग आदि खबरे आये दिन समाचार पत्रों में पढ़ने को मिल जाती है । बच्चो और किशोरों में बढ़ती इस प्रवृत्ति को रोकना और उनमें अच्छे संस्करों के विकास पर जोर देना   बाल दिवस कार्यक्रमों के आयोजनों का उद्देश्य हैं । लेकिन इस उद्देश्य की प्राप्ति केवल एक दिवस से संभव नहीं। इसके लिए माता-पिता और गुरुओं का लगातार सहयोग बहुत आवश्यक है । बच्चों को अच्छे संस्कार देना हर माता -पिता का धर्म होना चाहिए।

बच्चे देश के कर्णधार होते है । उन्हें परिमार्जित और परिष्कृति कर एक बेहतर इन्सान बनाना हर जन का कर्तव्य होता है । बाल दिवस द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है कि वे बच्चे के महत्व को समझे और उन्हें फलने – फूलने का एक अच्छा माहौल दे । 

हम सभी के लिए यह प्रसन्नता की बात है कि बदलते वक्त के साथ आज भी महान शख्सियत चाचा नेहरू की वजह से उनके जन्मदिन के रूप में बाल दिवस के अवसर पर हमें बच्चे के महत्व को समझने का मौका मिला ।

भले ही 27 मई 1964 बच्चों ने अपने प्रिय चाचा नेहरू को खो दिया लेकिन आज भी हमारे बीच उनकी शिक्षाएँ, आदर्श, सिद्धांत और बच्चों के लिए उनका प्यार बाल दिवस के रूप में मौजूद है । बच्चों के प्रति उनका जो प्यार और लगाव था उसी की वजह से इस दिन को बचपन का जश्‍न मनाने के लिए चुना गया है जो वास्तव में परिवार, समाज और देश में बच्चों के महत्व को याद दिलाता है…

हम बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने पर जितना अधिक ध्यान देंगे उनका उतना ही अच्छा शारीरिक और मानसिक विकास होगा । इस लिहाज से यह देश के भावी कर्णधारों के बारे में सोचने और विचारने का दिन होता है। बच्चों की शिक्षा – दीक्षा, इनके भविष्य, इनकी वर्तमान दशा आदि के संबंध में चिंतन – मनन करने का एक सुनहरा अवसर होता है । देश का पूरा भविष्य बच्चों की उन्नति पर निर्भर है।

बाल दिवस पर भाषण: छात्रों के लिए बाल दिवस पर भाषण

Children’s Day Speech in Hindi – बाल दिवस के इस विशेष कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथि, अध्यापकों और प्यारे साथियों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। जैसा की आप सब को ज्ञात है कि बाल दिवस बच्चों के अधिकार, बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल मनाया जाता है ।

वैश्विक स्तर पर युनिवर्सल बाल दिवस 20 नवंबर को प्रतिवर्ष मनाया जाता है । संयुक्तराष्ट्र संघ ने 1954 में बाल अधिकारों हेतु इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की थी । भारत में यह दिवस दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर उनको सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए 14 नवंबर को मनाया जाता है ।

पण्डित नेहरू स्वयं बाल दिवस के प्रेरक और संचालक थे। वे कहते थे बच्चों के बेहतर भविष्य के बारे में सोचना हमारा कर्तव्य है । बच्चे देश का भविष्य है । जो आज बच्चे है कल ये ही देश का नाम उज्जवल करेंगे । इसलिए बाल दिवस को केवल नेहरू जी के प्रति श्रद्धा प्रदर्शित करने तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए । इसका आयोजन बच्चों के विकास के लिए करना चाहिए । इस दिन बच्चों से जुड़े मुद्दों जैसे बाल मजदूरी, स्वस्थ्य, उनकी शिक्षा, संस्कार, मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीरता से विचार – विमर्श करना चाहिए।

नेहरु जी की शिक्षाएँ, आदर्श, सिद्धांत और बच्चों के लिए उनका प्यार हम सब की जरुरत हैं। पिछले कई दशकों से चोरी, डकैती, चैन स्नैचिंग आदि खबरे आए दिन समाचार पत्रों में पढ़ने व सुनने को मिल जाती है। बच्चों में बढ़ती इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए बाल दिवस जैसे उत्सव की अत्यंत आवश्यकता है ताकि लोगों में जागरूकता लाकर ऐसे विकारों को दूर किया जा सके।

यह भी पढ़े : बाल दिवस पर निबन्ध

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