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एड्स सिम्पटम्स ट्रीटमेंट इन हिन्दी – एड्स के प्रमुख लक्षण व इलाज – Aids Treatment in Hindi Language

एड्स सिम्पटम्स ट्रीटमेंट इन हिन्दी – एड्स के प्रमुख लक्षण व इलाज – Aids Treatment in Hindi Language

Aids Treatment in Hindi : एड्स एक बेहद भयंकर और प्राणघातक रोग है जो शरीर में एक प्रकार के हानिकारक वायरस के प्रवेश के कारण होता है जिसका नाम है ‘ह्यूमन इम्यूनोडिफिशियेंसी वाइरस। इस वायरस का पता पहली बार वर्ष 1981 चला था। एड्स वास्तविक रूप से किसी एक बीमारी का नाम नहीं है बल्कि यह रोगों अथवा रोग के लक्षणों का समूह है जो विशिष्ट जीवाणुओं के द्वारा मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता को नष्ट करने से उत्पन्न होती है।

इंटरनेशनल कमेटी ऑन टेक्सोनॉमी ऑफ वाइरसेस ने एड्स विषाणु को एचआईवी का नाम दिया है। अब तक दो प्रकार के एचआईवी – एचआईवी-1 और एचआईवी-2 की जानकारी उपलब्ध है। एचआईवी शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को प्रभावित करता है। यह विषाणु छ: महीने से 10 साल तक निष्क्रिय अवस्था में रह सकता है।

एचआईवी प्राय: मनुष्य में उस समय प्रविष्ट होता है जब उसमें सबसे अधिक उर्जा होती है। एक बार मनुष्य इस जीवाणु से ग्रसित होता है तब धीरे – धीरे उसकी उर्जा व प्रतिरोधक क्षमता विलीन होती जाती है। पर बहुत से लोग एचआईवी का मतलब एड्स, और एड्स का मतलब एक खौफनाक मौत मानते है। यहाँ तक कि जो एचआईवी पॉजीटिव है, उन्हें भी लगता है कि उन्हें एड्स है और वे मृत्यु के समीप है। जबकि असल में एचआईवी संक्रमण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे वायरस धीरे – धीरे क्रिया करते हुए प्रतिरोधक क्षमता को कम करते जाते हैं।

Aids Treatment in Hindi Language
Aids Treatment in Hindi Language

एड्स के लक्षण – एचआईवी एड्स के लक्षण और संकेत (Sign and Symptoms of Aids in Hindi)

संक्रमण के कुछ समय बाद एड्स के लक्षण प्रकट होते है जो की इस प्रकार है –

एचआईवी संक्रमण के प्रारंभिक लक्षण

1- बार – बार बुखार आना,
2- रात में बहुत अधिक पसीना आना,
3- सिर का दर्द,
4- थकान महसूस होना,
5- गर्दन, बगल आदि में लिम्फग्रंथियों का बड़ा होना।

एचआईवी संक्रमण के प्रमुख लक्षण

1- एक माह से अधिक खांसी होना,
2- भार में कमी, शारीरिक भार के 10% से अधिक,
3- त्वचा पर खुजली और लाल-भूरे धब्बे,
4- हर्पीज सिम्पलेक्स का संक्रमण,
5- पेचिश – लगातार एक माह तक रहना।

बच्चों में एचआईवी संक्रमण के प्रारंभिक लक्षण

1- गर्दन, बगलों और उरू संधियों की लिम्फ ग्रंथियों में सूजन,
2- त्वचा पर चकत्ते और खुजली,
3- बार – बार पतले दस्त होना,
4- बार – बार बुखार के साथ कान और साइनस का संक्रमण,
5- वजन न बढ़ना,
6- सामान्य क्रियाओं जैसे बैठने, चलने या खड़े होने में कठिनाई होना,
7- हर समय रोना और चिड़चिड़ाना,
8- शक्ति की कमी।

निदान के लिए एड्स संक्रमण की जांच – Aids Infection Test for Diagnosis in Hindi

Aids Treatment (एलिसा परिक्षण) – एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेंट ऐसे, रक्त में एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच के लिए किया जाने वाला प्रयोगशाला परिक्षण है। एलिसा टेस्ट के लिए प्रयुक्त उपकरण एलिसा रीडर कहलाता है। रक्त में एचआईवी का पता लगाने के लिए रेपिड टेस्ट किया जाता है।

हर साल दुनिया में लाखों लोग एड्स के कारण अपनी जान खो देते है। काउंटर करंट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा की गयी एक रिसर्च बताती है कि संसारभर में एचआईवी से प्रभावित बहुत बड़ी संख्या शुरूआत में अपना समय पर एचआईवी की जाँच नहीं कराते हैं जिससे की उन्हें एड्स जल्दी हो जाता है। ऐसे लोग एक स्वस्थ और लम्बी आयु जीने में सक्षम होते अगर वे अपना जाँच कराकर इलाज जल्दी शुरू करा लेते तो।

 एड्स का इलाज – Aids Treatment in Hindi

एड्स इस समय एक बड़ी जनसंख्या में फैलने वाला दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है यानि की यह एक महामारी है। एड्स का स्थायी इलाज ढूँढ निकालने के लिए विश्वभर के वैज्ञानिक अनुसन्धान कार्य कर रहे हैं लेकिन एड्स पर अपने अभी तक के शोधो में जो नवीन जानकारियाँ एवं निष्कर्ष सामने आये हैं उसमें एड्स एक लाइलाज बीमारी है।

एड्स की जानकारी ही इससे बचाव है। हम स्वयं एड्स के बारे में सभी जानकारियां ग्रहण करें तथा अन्य लोगों को भी इनसे बचाव हेतु प्रेरित करें। एड्स के प्रचार – प्रसार में सही जानकरी का न होना इस महामारी के फैलने का मुख्य कारण रहा है। इसलिए इससे बचना है तो यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि समय से एचआईवी को पहचाना जाए और दवाएं उपलब्ध करायी जाएं। इसके साथ ही समय पर टेस्ट होने के साथ पूरा इलाज और देखभाल भी हो। इसलिए किसी भी पुरुष या महिला को एचआईवी संक्रमण का शक होते ही तुरन्त स्वास्थ्य कार्यकर्ता, और डॉक्टर या किसी एचआईवी और एड्स केंद्र (ART Centre) से सम्पर्क करके, गोपनीयता के साथ सलाह-मशविरा और जाँच की सुविधा का लाभ उठाना चाहिए।

एचआईवी संक्रमण के उपचार की सर्वाधिक प्रचलित औषधि है ए जेड टी। ए जेड टी का अर्थ है एजिडोथाइमिडीन। एड्स के उपचार की एक अन्य औषधि है डाइडीऑक्सी साइटीडीन। एड्स के उपचार की एक और प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है कम्पपाउंड क्यू।

एड्स के उपचार के लिए साइटोकाइनिन, इंटरल्युकिन, इंटरफेरॉन आदि पर अनुसन्धान जारी हैं। एचआईवी और एड्स से ग्रस्त लोगो को दवाई देकर उन्हें कुछ अधिक समय तक जिन्दा तो रखा जा सकता है लेकिन इनसे बचने का कोई स्थायी टीका या इलाज के लिए कोई दवाई दुनिया भर में अभी तक नहीं बनी है।

एचआईवी मुख्य रूप से सेक्स या इंजेक्शन दवा उपकरण, जैसे कि सुइयों, एचआईवी वाले किसी व्यक्ति के साथ साझा करके फैलती है। एचआईवी संक्रमण के अपने जोखिम को कम करने के लिए, हर बार जब आप यौन संबंध रखते हैं तो कंडोम का सही इस्तेमाल करें। दवाओं को इंजेक्ट न करें।

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एचआईवी और एड्स से प्रभावित या उसके साथ जी रहे लोगो को विशेष देखभाल और हमदर्दी की जरूरत होती है जो की उन्हें डॉक्टर और समाज में रहने वाले आम जन से मिलनी चाहिए। उन्हें एच आई वी और एड्स से जुडी सेवाओं और कार्यक्रमों का लाभ मिलने में आने वाली हर तरह की अड़चन दूर करने के उपाय किए जाने चाहिए, चाहे वह अड़चन सामाजिक हों, सांस्कृतिक हों या राजनीतिक हों।

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