Bhashan Hindi Post Nibandh Nibandh Aur Bhashan

Essay on Swachhta Hi Seva – स्वच्छता ही सेवा है पर निबंध

स्वच्छता ही सेवा है भाषण और निबंध – Best Speech & Essay on Importance of cleanliness in Hindi

Swachhta Hi Seva (स्वच्छता ही सेवा)
Swachhta Hi Seva (स्वच्छता ही सेवा)

Swachhta Hi Seva – स्वच्छता ही सेवा है। यह एक स्वस्थ आदत है और आजकल तो इस पर सरकार भी बहुत जोर दे रही हैं। स्वच्छता के लिए कई जनांदोलन शुरू किये गये। इनमें एक सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण जनांदोलन स्वच्छ भारत अभियान है।

हम सबका इस स्वच्छता अभियान में शामिल होने का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य तक पहुँचना है। राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया स्वच्छता अभियान भारत सरकार का सबसे तेज और क्रांतिकारी पहल है और जिसका उद्देश्य भारत के सभी शहरों, ग्रामीण इलाकों की गलियों, सड़कों को साफ-सुथरा कर, सभी की बुनियादी स्वच्छता तक पहुँच सुनिश्चित करना है।

स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य एक मुहीम चलाकर भारत को स्वच्छ बनाना है। उनके इस मुहीम को लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए और साफ़, स्वस्थ और स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए हम सब संकल्पबद्ध है। क्योंकि मनुष्य जीवन के लिए साफ – सफाई बेहद महत्वपूर्ण है।

गांधीजी ने कहा है कि “इस समाज के हर आदमी को अपनी साफ-सफाई खुद करनी चाहिए।” हमारे धर्मग्रन्थ में स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर कई तरह के निर्देश दिये गए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि अन्य स्थानों की अपेक्षा ही यहाँ के तीर्थ स्थानों पर गन्दगी ज्यादा पाई जाती है। असल में धार्मिक स्थलों पर विभिन्न आयोजनों में लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं, लेकिन स्वच्छता के महत्व से अनजान हो वहाँ बड़ी मात्रा में गंदगी फैलाते है।

हमारे देश में हर जगह जो गंदगी का अंबार दिखता है, उसकी एक बड़ी वजह यह है कि हम कही भी कूड़ा फेंकने की आदत से मजबूर हैं, लोग अपने घरों को साफ-सुथरा तो रखना चाहते हैं, लेकिन आसपास के क्षेत्र में ही अपने घरों का कूड़ा फेंकते हैं। यही वजह है कि शहरों और गाँवों की सड़के व गलियाँ गंदगी से पटी रहती हैं। लोग यह मानते हैं कि सडकों की सफाई का काम सरकारी एजेन्सियों का है। हममें से ज्यादातर लोग इस बारे में कभी गम्भीरता से नहीं सोचते कि अगर हमारे आसपास का मोहल्ला स्वच्छ नहीं रहेगा, तो घर चाहे जितना भी हम साफ रखें, आसपास की गंदगी हमें बीमार बनायेगी।

जब तक हमारे घर और रास्ते गंदे रहेंगे, तब तक हम अपने – आपको सभ्य और सुसंस्कृत नहीं कह सकते। आज इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि देश के 65 फीसदी से ज्यादा लोगों के खुले में शौच की बुरी आदत के कारण कई जानलेवा बीमारियाँ पनप रही हैं और देश में बाल कुपोषण की समस्या भयावह बनी हुई है।

सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को लोगो ने यह कहकर चुनौती दी है कि यह महज कुछ दिनों तक चलने वाला अभियान है। अगर इसमें जरा भी सच्चाई है, तो भी यह पूछा जा सकता है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है। दरअसल जब तक हम इस अभियान को मजबूत नहीं बनायेंगे तब तक इस मुद्दे को इस तरह उठाया जाता रहेगा।

स्वच्छता को लेकर क्या इससे पहले कभी इस तरह का आक्रमण अभियान चलाया गया। असल में इससे पहले कभी किसी ने सोचा ही नहीं कि यह अभियान राष्ट्रहित में इतना कारगर हो सकता है। इस कारगर अभियान को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब हम सब के कंधो पर है। समाज के सर्वांगीण हित की दृष्टि से सफाई के बुनियादी तथ्यों तक पहुँचना बेहद जरुरी है।

प्रति वर्ष भारत में स्वास्थ्य व्यवस्था पर करोड़ों रुपये सरकारी तौर पर खर्च होते हैं। कितने ही बच्चों का जीवन कचरा बीनते हुए ही खत्म हो जाता है। बढती जनसंख्या के साथ कचरा प्रबंधन भी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। इसलिए उपयोग की गई वस्तुओं का रिसाइकल करके आमजन के लिए रोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते है। इससे जहाँ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं सही तरीके से कचरा निष्पादन से लोगों के स्वास्थ्य पर भी उसका बुरा असर नहीं पड़ेगा और हमारे स्वास्थ्य खर्च में भारी कमी हो सकती है।

इस लिए हमारा कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि स्वच्छ भारत की नीतियों का अनुसरण करते हुए अपने देश को स्वच्छ रखने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। गीले एवं सूखे कचड़े हेतु हरे एवं नीले के डस्टबिन का प्रयोग करें। देश भर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में बढ़ – चढ़ कर सहयोग प्रदान करें। खुले में शौच न करें, खुले में शौच करना एक दंडनीय अपराध है। प्रतिबंधित पोलिथीन का प्रयोग न करें, यह भी दंडनीय अपराध है |

आखिर सबसे बड़ी सम्पत्ति आप की सेहत ही है। कहा भी जाता है कि स्वास्थ्य ही धन है और स्वास्थ्य है तो सबकुछ है। इसलिए इस धन को प्राप्त करने के लिए उपर्युक्त साफ – सफाई को नजरअंदाज मत कीजिए। साफ सफाई की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या प्रशासन की ही नहीं है। इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम् है। अगर लोग इसके प्रति जागरूक नहीं होंगे तो स्वच्छता अभियान सफल होना संभव नहीं है।

*************************************************************************

 FREE e – book “ पैसे का पेड़ कैसे लगाए ” [Click Here]

सम्बंधित लेख (Related Post)

जरुर पढ़े : स्वच्छता और स्वास्थ्य पर निबंध

जरुर पढ़े : स्वच्छता अभियान पर कविता, Quotes और नारे

जरुर पढ़े : स्वच्छता पर प्रेरक कहानी

 जरुर पढ़े : स्वच्छ भारत अभियान पर उत्कृष्ट भाषण

Swachhta Hi Seva (स्वच्छता ही सेवा) Cleanliness Speech in Hindi के इस प्रेरणादायी लेख के साथ हम चाहते है कि हमारे  Facebook Page को भी पसंद करे | और हाँ यदि future posts सीधे अपने inbox में पाना चाहते है तो इसके लिए आप हमारी email subscription भी ले सकते है जो बिलकुल मुफ्त है |

Babita Singh
Hello everyone! Welcome to Khayalrakhe.com. हमारे Blog पर हमेशा उच्च गुणवत्ता वाला पोस्ट लिखा जाता है जो मेरी और मेरी टीम के गहन अध्ययन और विचार के बाद हमारे पाठकों तक पहुँचाता है, जिससे यह Blog कई वर्षों से सभी वर्ग के पाठकों को प्रेरणा दे रहा है लेकिन हमारे लिए इस मुकाम तक पहुँचना कभी आसान नहीं था. इसके पीछे...Read more.

6 thoughts on “Essay on Swachhta Hi Seva – स्वच्छता ही सेवा है पर निबंध

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *