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Hindi Poem on Daughter। Best Poem on save girl child। Beti Par Kavita । बेटी पर दिल-छू लेने वाली कविता….-Khayalrakhe

बेटी बचाओं बेटी पढाओं, उत्कृष्ट मार्मिक कविता – Save girl child (Kavita) Poem hindi

poem on save girl child in Hindi
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Best Heart Touching Poem on save girl child in Hindi बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर तीन प्रेरणादायक कविता

Poem on Daughter : माँ के जिस कोख में एक बेटा जन्म लेता है उसी गर्भ में से बेटी भी जन्म लेती है पर माँ – बाप स्वयं पुत्री के जन्म से दुखी हो उठते है । जनम से माँ – बाप उस लड़की को ‘पराया धन’ कहना प्रारम्भ कर देते है । उसके लालन-पालन, शिक्षा-दीक्षा, आदि सभी क्षेत्रों में दृष्टि रखी जाती है । कन्या दबी और सहमी अनुभव करती है जबकि पुत्र उभरा और उछला हुआ ।

अन्य पुरातन विद्वानों ने भी लिखा है कि “दुरतिक्रमा दुहितरो विपद:” अर्थात कन्या की विपत्तियों को पार करना अत्यंत कठिन काम है । लेकिन अगर घर के वातावरण में ये बदलाव आये, बेटा और बेटी दोनों एक समान है तो समाज में बदलाव आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा । सबसे पहले कन्या भ्रूण हत्या को रोकर इसकी शुरुआत करनी होगी और बेटी की शिक्षा की समुचित व्यस्था करनी होगी । दरअसल हर बेटी जब शिक्षित होगी तब ही, ये धरती जन्नत होगी । यहाँ समाज निर्माण में अक्षुण्य और अतुलनीय योगदान देने वाली लड़की को बचाने के लिए दिल को छूने वाली कविता उपलब्ध करा रही हूँ जो बेटियों के महत्व और आवश्यकता को भी बतलाता है –

बेटी पर कविता : ‘Hindi poem on girl child killing in womb’

चुप-चुप सब मैं सुनती थी

माँ के पेट के भीतर से….

दादी हरदम क्यों कहती थी,

‘बेटा’ दे अब ‘बेटा’ दे….

बहन मेरी प्यारी सी

‘एक छोटी बहन मुझे देना माँ….

एक जोर का चाँटा उसे जड़ देती माँ,

और रो-रो कर, ये कहती थी….

माँग तू एक भाई अब,

बेटी का जीवन कठिन बहुत।

दादी भी बेटा माँगे,

माँ भी अब भगवान् से अपने,

मेरे बदले में बेटा माँगे….

फिर भी मैंने सोच लिया,

सबका मन मैं हर लूँगी….

मैं अपनी नटखट बातों से,

सब को खुश कर दूंगी …..

पर मुझको इतना वक्त ना दिया,

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मेरे बाप ने ऐसा पाप किया,

मालूम कर कि मैं लड़की थी,

मुझको पेट में ही मार दिया। …

मैं फूलों की खुशबू न ले सकी,

जीवन का स्वाद न रख सकी,

माँ को मैं “माँ” भी  न कह सकी,

अपनी बहन से मैं मिल न सकी……

क्यों ऐसा मेरे साथ किया ?

जीवन का सुंदर ख्वाब दिया,

फिर मौत की आग में झोंक दिया,

बेटी बन  क्या  मैंने कोई पाप किया ???

क्यों ऐसा मेरे साथ किया ??

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बेटी पर कविता : ‘मुझे जीने का अधिकार दो’ (emotional poem on kanya bhrun hatya in hindi)

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दोस्तों CA Ashish Gupta जी द्वारा लिखी

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मैं हूँ एक लड़की

मैं भी एक इंसान …..

मुझे जीने का अधिकार दो,

ना आधा ना कम

मुझे पुत्र के समान प्यार दो,

घर का चूल्हा नहीं, ना ही झाड़ू लगाना,

मुझे भी पढने का अधिकार दो,

मैं हूँ एक लड़की मैं भी एक इन्सान,

मुझे जीने का अधिकार दो,

मैं कोई सतयुग की ‘सीता’ नहीं,

जिसे शक के कारण राम ने त्याग दिया था,

ना ही कालिदास की ‘विद्योत्मा’ हूँ,

ना ही मैं दुष्यंत की ‘शकुन्तला’ हूँ,

जिसे वे भूल जाये,

मुझे कल्पना चावला बनकर नीले गगन को छूने दो,

मुझे पी. टी. ऊषा बनकर देश का गौरव बनने दो,

मुझे इन्दिरा गांधी बनकर देश को चलाना है,

एक सफलता भरी कहानी को लाना है,

केवल भोग – विलास का साधन नहीं हूँ मैं,

ना ही मैं द्वापर की ‘द्रौपदी’ हूँ,

जिस देवी दुर्गा, लक्ष्मी को पूजते हो, उसी का करते हो अपमान,

लड़की को लक्ष्मी कहते हो,

तो फिर क्यों लक्ष्मी को भोज समझते हो,

नहीं बढ़ेंगे पुरुषों से आगे,

केवल साथ चलने का तो अधिकार दो,

मैं हूँ एक लड़की

मैं भी एक इंसान …..

मुझे जीने का अधिकार दो,

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बेटी पर कविता : “बेटी की पुकार”

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मैं आपकी प्यारी बेटी हूँ,

मुझे भी पढ़ने दो,

मत रोको,

मुझे भी आगे बढ़ने दो,

अब नहीं सहनी गुलामी किसी की,

मैं आपकी दुलारी बेटी हूँ पापा…

मैंने भी सपने देखे हैं,

उन सपनों को पूरा करने दो,

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मुझे भी आजादी दे दो,

मत रोको,

मुझे भी आगे बढ़ने दो,

मैं हर वो काम करुँगी,

जो आपकी “शान” को बढ़ाएगी,

मैं मर – मिट जाऊँगी पर,

शान पर आंच नहीं आने दूंगी,

मुझे भी पढ़ने दो,

मत रोको,

बेटे आजाद हैं, बेटी आजाद नहीं,

ऐसा क्यों हैं ?

बेटा सब कुछ कर सकता है,

बेटी कुछ नहीं, ऐसा नहीं है पापा,

एक मौका तो दो,

मुझे भी पढ़ने दो,

मुझे भी बढ़ने दो,

रास्ते में रोड़े तो आते हैं,

इस कारण सपनों को मत तोड़ों पापा।

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एक motivational ब्लॉग होने के कारण मेरा पूर्ण प्रयास रहता है कि जो भी नया पोस्ट यहाँ पर लिखा जाये वो आपके लिए सदा अच्छे हितैसी मित्रों के समान हो | इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यहाँ  ‘बेटी पर कविता ‘ – ‘Short Hindi poem on girl child killing in womb’उपलब्ध कराया हैं | अगर उपर्युक कविताअच्छी लगी हो तो इस प्रेरणादायी लेख के साथ हम चाहते है Facebook Page को जरुर पसंद करें और  | और हाँ यदि future posts सीधे अपने inbox में पाना चाहते है तो इसके लिए आप हमारी email subscription भी ले सकते है जो बिलकुल मुफ्त है |

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