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समय का सदुपयोग : समय प्रबंधन पर निबन्ध – Time Management Essay in Hindi

समय के सदुपयोग पर निबन्ध – Essay on Value of Time (Time Management) in Hindi 

Time Management in Hindi
Time Management in Hindi

समय प्रबंधन महत्व (समय का सदुपयोग) पर निबन्ध – Time Management Essay in Hindi

Time Management in hindi : नष्ट हुई सम्पत्ति और खोए हुए वैभव को पुनः प्राप्त करने के लिये मनुष्य अनवरत श्रम करता है। एक दिन वह आता है, जबकि वह उसे फिर से प्राप्त करके फूला नहीं समाता। मानव खोए हुए स्वास्थ्य को भी बुद्धिमान डॉक्टरों की सम्मति पर चलकर, पुष्टिकारक दवाइयों का सेवन करके तथा संयत जीवन व्यतीत करके एक बार फिर प्राप्त कर लेता है। युगों के भूले – बिछुड़े साथी फिर मिल जाते हैं परन्तु जीवन के जो क्षण एक बार चले गए वे फिर इस जीवन में कभी नहीं मिलते।

मानव जीवन में कितनी अमूल्यता और उपयोगिता है इन क्षणों की, कितनी तीव्रता है इनकी गति में, जो  न आते हुए मालूम पड़ते हैं, और न जाते हुए मालूम पड़ते हैं परन्तु चले जाते हैं। एक ओर मानव के लघु जीवन की भयानक क्षण-भंगुरता, दूसरी ओर सीमित समय की गतिशीलता एवं अस्थिरता। समय मनुष्य की न तो प्रतीक्षा करता है न तो परवाह।

प्लेटफार्म पर रेलगाड़ी को देखा है, वह यात्रियों की प्रतीक्षा नहीं करती, उसमें कोई बैठे या नहीं बैठे।  उसे अपने समय पर आना है और चले जाना है। जो लोग भीड़ को चीरते हुए, आलस्य को छोड़कर छलांग मारते हुए, उसमें बैठ जाते हैं, वे अपने गन्तव्य स्थान पर समय पर पहुँच जाते हैं और जो प्लेटफार्म पर अपनी अकर्मण्यता, आलस्य, भीरुता या निद्रा के कारण पड़े रह जाते हैं, वे न ट्रेन में बैठ पाते हैं और न ही अपने लक्ष्य तक ही पहुँच पाते हैं। ठीक यही बात समय की रेलगाड़ी के साथ है।

जीवन में सफलता भी उन्हीं मनुष्यों को प्राप्त होती है, जो अपने एक क्षण का भी अपव्यय नहीं करते, अपितु अधिक से अधिक उसका उपयोग करते हैं। अब यह आपके ऊपर है कि इन क्षणों का आप कैसे उपयोग करते हैं – निद्रा में या निज कार्यपूर्ति में, विद्या में या विवाद में, मैत्री में या कलह में, रक्षा में या परपीडन में। समय की अमूल्यता की द्योतक कबीर की पंक्तियाँ कितनी महान हैं –

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काल करै सो आज कर, आज करै सो अब।

पल में परलै होयगी, बहुरि करैगो कब।।

जीवन की सफलता का रहस्य समय के सदुपयोग में ही अंतर्निहित है। चाहे वह निर्धन हो या धनवान, किसान हो या मजदूर, राजा हो या प्रजा, विद्वान हो या मुर्ख, समय पर सभी का समान अधिकार है। समय की उपयोगिता साधारण से साधारण व्यक्ति को भी महान बना देती है। आज तक जितने भी महान पुरुष हुए उनके जीवन की सफलता का रहस्य एकमात्र समय के अमूल्य क्षणों का सदुपयोग ही रहा है।  बड़े से बड़े संकटों, भयानक से भयानक संघर्षों में भी सदैव विजय वैजयंती उनका वरण करती है।

एक प्राचीन कहावत है “ समय किसी का इन्तजार नहीं करता ” | इसका मतलब है कि मानव की सभी सफलताएं, आशाएं व इच्छाएं समय पर ही निर्भर करती हैं | उदाहरणार्थ – “पाँच मिनट” के महत्व और महात्म्य के अपरचित आस्ट्रियन नैपोलियन से युद्ध में पराजित हो गए थे।  नैपोलियन के एकमात्र साथी ग्रुशी के आने में पाँच मिनट के विलम्ब ने नैपोलियन को बन्दी की उपाधि से विभूषित कर दिया था।

अत: समय का सदुपयोग करना मानव के लिए बहुत महत्वपूर्ण है | आलस्यरहित होकर यथासमय प्रत्येक कार्य को करना ही समय की उपयोगिता है।  जो मनुष्य आज का काम कल पर टाल देते हैं उनका काम कभी पूरा नहीं होता।  वे जीवन में सदैव पश्चाताप की अग्नि में जलते रहते हैं।  परन्तु जलने से कोई लाभ नहीं होता क्योंकि – “समय चूकि पुनि का पछिताने” वे आगे बढ़ने के समय में भी पीछे रहते हैं।  बुद्धिमान व्यक्ति अपने अवकाश के क्षणों को भी व्यर्थ नहीं जाने देता।

बुद्धिमान व्यक्ति अपने विश्राम के समय को भी व्यर्थ नहीं जाने देता, सद्दग्रंथों के अवलोकन में ही उसका समय व्यतीत होता है परन्तु मुर्ख अपना समय बुरे व्यसनों में सोने में या आपस के लड़ाई – झगड़ों में ही खो देते हैं।  उनकी दृष्टि में न तो समय का मूल्य होता है और न जीवन की क्षण भंगुरता का मूल्य। परन्तु बुद्धिमान व्यक्ति समय के सदुपयोग में आत्मिक आनन्द और शारीरिक सुख का अनुभव करता है।  ऐसे व्यक्तियों का समाज आदर करता है। 

समय का अपव्यय करना आत्महत्या के समान है। संसार से उब कर जीवनमुक्त होने के लिए मानव आत्महत्या का साधन ढूढ़ता है।  आत्महत्या उसे जीवन के संघर्षों से सदा – सदा के लिए मुक्त कर देती है।  ठीक इसी प्रकार समय का सदुपयोग मानव – जीवन को अनिश्चित समय के लिए मृतप्राय कर देता है।  समय की दुरुपयोगिता मानव को कायर, पुरुषार्थहीन एवं अनुद्योगी और अकर्मण्य बना देती है।  समय की दुरुपयोगिता से केवल विचार ही दूषित नहीं होते,  बल्कि मानव का नैतिक पतन हो जाता है।

समय के सदुपयोग की विधि। Method of time utilization in Hindi

समय के सदुपयोग के लिए मनुष्य को अपने प्रतिदिन के कार्य का सम्यक विभाजन कर लेना चाहिए। उसे इस बात को दृष्टि में रख लेना चाहिए कि उसे किस समय क्या काम करना है। जिस मनुष्य का कार्यक्रम सुनिश्चित नहीं होता उसका अधिकांश समय व्यर्थ में ही इधर – उधर बीत जाता है। जो मनुष्य अपना निश्चित कार्यक्रम बनाकर, मानसिक वृत्तियों को एकाग्र करके कार्य करता है, उसे जीवन – संग्राम में अवश्य सफलता प्राप्त होती है।

समय का सदुपयोग करने से मनुष्य की व्यक्तिगत उन्नति होती है।  हमें बाल्यकाल से ही समय की अमूल्यता पर ध्यान देना चाहिए।  शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए समय पर सोना, समय पर उठना, समय पर भोजन करना, समय पर व्यायाम करना, समय पर पढना बहुत ही आवश्यक है। मानसिक उन्नति के लिए हमें प्रारम्भ से ही सद्दग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए तथा अपने से बड़े, अपने से अधिक बुद्धिमान लोगों के साथ जीवनोपयोगी विषयों पर चर्चा करनी चाहिए।

जिस काम के लिए जो समय निश्चित हो, उस समय वह काम अवश्य कर लेना चाहिए, तभी मनुष्य जीवन में उन्नति कर पाता है।  कभी किसी काम को देर से शुरू न करो क्योंकि प्रारंभ में विलम्ब हो जाने से अन्त तक विलम्ब होता रहता है और उस कार्य में सफलता संदिग्ध रहती है। विदेशों में समय का मूल्य बहुत समझा जाता है।  वहाँ का प्रत्येक व्यक्ति उसका सदुपयोग करना जानता है। यदि आपने किसी व्यक्ति को आठ बजे बुलाया है तो वह आपके पास ठीक आठ बजे आ जायेगा, न एक मिनट पहले, और न एक मिनट पश्चात्।

देश और समाज के प्रति हमारे कुछ कर्तव्य हैं।  हमें अपना कुछ समय उनकी सेवा में भी लगाना चाहिए, जिससे देश और समाज की उन्नति हो।  असहायों की सहायता करने में, भूखों के पेट भरने में, दूसरों के हित सम्पादन में जो अपना कुछ समय व्यतीत करता है वह भी समय का सदुपयोग करता है तथा उसका समाज में सम्मान होता है।

हमें अपने दैनिक कार्यक्रमों में राष्ट्रसेवा, जाति सेवा और समाज सेवा का अवसर निकालना चाहिए।  स्वार्थ – सिद्धि ही मानव – जीवन का प्रमुख लक्ष्य नहीं है।  इस जीवन में जितने शुभ कार्य हो सकें उतना ही यह जीवन सफल है।  मानव जीवन देश की सम्पत्ति है।  अत: देशहित में जो अपना समय व्यतीत करता है, वह धन्य है।  मनुष्य का परम कर्तव्य है कि वह अपने समय का सदुपयोग करता हुआ अपने समाज,  अपने देश और मानव – जाति का कल्याण करे।

“आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान रिपु: |

अर्थात आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।  आलसी मनुष्य जीवन में उन्नति नहीं कर पाता है।  उसके जीवन के अधिकांश क्षण सुस्ती, सोने वाद – विवाद में ही व्यतीत हो जाते हैं।  ऐसा मनुष्य न तो छात्रावस्था में विद्यापार्जन ही कर सकता है और न युवावस्था में गृहस्थी का भार ही वहन कर सकता है। 

आलसी मनुष्य की प्रज्ञा मंद और संकल्प क्षीण हो जाते हैं, वे सदैव समय की शिकायत किया करते हैं।  परिश्रमी के पास कभी समय का अभाव नहीं होता।  आलसी मनुष्य का समय दूसरों की निंदा करने, निरुद्देश्य घूमने, गन्दी पुस्तकें पढ़ने तथा व्यर्थ की गपशप में व्यतीत हो जाता है।  ऐसे व्यक्ति न देश का कल्याण कर पाते हैं, और न अपना ही।  आलस्य का परित्याग करके समय का सदुपयोग करने वाले व्यक्ति ही साहित्य के सृष्टा, राष्ट्रनायक, वैज्ञानिक और अविष्कारक हुए हैं।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है, “समय जात नहीं लागहिं बारा।” समय की गति तीव्र है।  प्रत्येक बुद्धिमान व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह समय का उचित मूल्यांकन करते हुए उसका उपयोग करे।  समय की गति रोकी नहीं जा सकती।  आज के वैज्ञानिक ने प्रकृति के तत्वों पर अपना अधिकार करना प्रारंभ कर दिया है, परन्तु समय को वश में नहीं कर पाया।  इसलिए यदि हम अपनी शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक उन्नति करना चाहते हैं तो हमें अपने समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए तभी हमारी उन्नति सम्भव है।

विद्यार्थी जीवन के लिए समय के सदुपयोग का महत्व – Importance of time utilization for student life in Hindi

विद्यार्थियों को तो विशेष रूप से समय का महत्व समझना ही चाहिए क्योंकि “गया वक्त फिर हाथ आता नहीं है।” विद्यार्थियों को अपने समय का सदुपयोग करने के लिए टाइमटेबल बना लेना चाहिए | उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि उनका निश्चित कार्य उस निश्चित समय में पूर्ण हुआ अथवा नहीं |

जो छात्र नियत समय में अपने कार्य में पूर्ण मनोयोग के साथ संलग्न नहीं होता, वह अपने साथ घोर अन्याय करता है | उसका भविष्य अंधकारमय रहता है | समय विभाजन करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि शारीरिक और मानसिक थकावट अधिक न होने पावे | उसमें मनोरंजन की भी व्यवस्था करनी चाहिए | मनोरंजन से जीवन में सरसता आती है, शक्ति संचय होता है | वास्तव में समय बहुत अमूल्य धन है | हमें समय का पूरा – पूरा लाभ उठाना चाहिए |

We are thankful to Upma ji for sending such useful essay on Time Management. Upma ji is a software engineer and currently working in TCS Lucknow office.

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