Hindi Post Kavita

नशा मुक्ति पर कविता – Poem on Tambacco & Nasha Mukti

नशे पर कविता “नशे का खेल” – Nasha Par Kavita “Nashe Ka Khel

नशा मुक्ति शायरी - Nasha Mukti Shayari in Hindi
नशा मुक्ति poem – Nasha Mukti Kavita in Hindi

नशा मुक्त भारत हिंदी कविता: Nasha Mukti Hindi Poem

तन उखड़ जायेगा कुल उजड़ जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

तेरी गाढ़ी कमाई न रुक पायेगी,

हर आफतनई रोज घर आयेगी ।

तब उजाले का दीपक भी बुझ जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

घर में होगी कलह बस बेकार में,

सेध लग जायेगी आपसी प्यार में ।

तब खुशियों का छप्पर भी उड़ जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

मित्र भी घर तुम्हारें बहुत आयेंगे,

न समझ पयोगे खेत बिक भी जायेगे ।

देख तन की दशा दिल दहल जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

मान सम्मान भी तुम नहीं पयोगे,

बस नशेड़ी – नशेड़ी तुम कहलाओगे ।

यह ठप्पा भी जीवन में लग जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

जब हालत तुम्हारी बिगड़ जायेगी,

तब दोस्ती कोई काम न आयेगी ।

Loading...

खेल घर का भी सारा बिगड़ जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

है गुजारिश यही दूर इनसे रहो,

न तो बेकार जुल्मों की पीड़ा सहो ।

दूर रहने से जीवन सुधर जायेगा,

तब नशा दूर जीवन से भाग जायेगा,

जो थपेड़े नशे के तू घर लायेगा ।

नशा विनाश का कारण Click Here
नशा मुक्ति पर नारा Click Here
नशा शायरी Clicke Here

*****************************************************************************************

 Get FREE e – book “ पैसे का पेड़ कैसे लगाए ” [Click Here]

*****************************************************************************************

नशे पर कविता “इनका सेवन मत करों” – Nasha Par Kavita “Inka Sevan Mat Karo”

गुटखा, बीडी, तम्बाकू नशा करत बर्बाद

इनका सेवन मत करो, रहो सदा खुशहाल।

गांजा, भाँग, अफीम का, असर ऐसा होय

शरीर को नित जर्जर करे और सही बतावे रोय ।

पानी की तरह पैसा बहे दुर्गति घर का होय

भूखे सब बच्चे रहे दशा बतावे रोय ।

दारू कबहूँ मत पियो, कर देगी कंगाल

नाली में आसन मिली, न कोई पूछे हालचाल ।

घर की सब सम्पत्ति बिकी, मची रहेगी हाय

तन जर्जर ऐसी होगी गेहूं घुन जैसे खाएं ।

नशा छोड़कर जीवन जिओ, रखिए अपना ख्याल

कर्म सदा ऐसे करो, बनी रहे ससुराल ।

नशा मृत्यु का हेतु है, रहिए इससे दूर

यही बात दिल में रखे, जब करते है टूर ।

नात बात का हेतु भी, जाता तभी ही छूट

देखते है जब तुमको पीते, मदिरा का घूँट ।

पीने वाले के यहां जेवर तक बिक जाय

फाटे चीर भर्या रहे, दशा कही न जाय ।

जाम जाम ही करत है चलन कबहूँ नही देत

जाम हेतु निज खेत भी , गहने तक धरि देत ।

*****************************************************************************************

Read More Hindi Slogans

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्लोगन
स्वछता अभियान पर स्लोगन
पर्यावरण पर स्लोगन
भष्टाचार पर स्लोगन
रक्तदान पर स्लोगन
शिक्षा पर स्लोगन
पेड़ बचाओ स्लोगन
योग पर स्लोगन

नशे पर कविता – Nasha Mukti Poems in Hindi के इस प्रेरणादायी लेख के साथ हम चाहते है कि हमारे  Facebook Page को भी पसंद करे । और हाँ यदि future posts सीधे अपने inbox में पाना चाहते है तो इसके लिए आप हमारी email subscription भी ले सकते है जो बिलकुल मुफ्त है ।

Babita Singh
Hello everyone! Welcome to Khayalrakhe.com. हमारे Blog पर हमेशा उच्च गुणवत्ता वाला पोस्ट लिखा जाता है जो मेरी और मेरी टीम के गहन अध्ययन और विचार के बाद हमारे पाठकों तक पहुँचाता है, जिससे यह Blog कई वर्षों से सभी वर्ग के पाठकों को प्रेरणा दे रहा है लेकिन हमारे लिए इस मुकाम तक पहुँचना कभी आसान नहीं था. इसके पीछे...Read more.

3 thoughts on “नशा मुक्ति पर कविता – Poem on Tambacco & Nasha Mukti

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *