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Prerak Poem on koshish karne walon ki haar nahi hoti hai in Hindi

Three Best Hindi Poem on Motivational : कोशिश करने वालों की हार नहीं होती पर तीन प्रेरणादायक कवितायें 

Motivational Poem in hindi

Prerak Poem in hindi :अवसर कितने भी विपरीत क्यों न हो, कठिनाईयां कितनी भी भयानक क्यों न हों, सच्ची लगन और प्रयास से उस पर विजय प्राप्त किया जा सकता है | यह एक कटु सत्य है जो हार नहीं मानता और कोशिश करता रहता है तो वह दूसरों की अपेक्षा अधिक सफल होता है | यहां कोशिश करने वालों के लिए काफी प्रभावी कविता यथा उपलब्ध करा रही हूँ जिसका प्रत्येक शब्द, उत्साहवर्धक, स्फूर्तिदायक, प्रेरणादायक, प्रेरणा प्रदान करने वाला तथा साहस भरने वाला है –

प्रेरक कविता 1 : “तुम अकेले जो छोड़ गए अपने” (Prerak Hindi Poem On Tum Akele Nahi)  

“माना कि हर पल दिखाया जाता है”

हार का एहसास

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हर कोई करता है हम पर उपहास तो क्या

हम छोड़ दें जीतने का प्रयास,

माना कि हाथों में चुभ जाते हैं टूटे हुए सपने

क्या हुआ जो छोड़ गये अपने,

तुम अकेले जो छोड़ गये अपने,

तुम अकेले हो पर इतने काबिल हो

कि दूर करके मुश्किल पा लेंगे अपनी हर मंजिल |

माना कि आँखों में पानी है |

हादसों की यह निशानी है |

पर रोता क्यों है, खुशियाँ तो आनी जानी है |

हर पल एक नई परेशानी है |

माना की दूर तलक हैं अँधेरा

पर कभी तो आएगा उजाला

सूरत नहीं है तो दिये जला लें

किसी तरह से काम चला लें, पर हार मत मान

पूरे दमखम के साथ कर प्रयास

और करा दे सबको यह एहसास

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

प्रेरक कविता 2 : “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” (Prerak Hindi Poem On Koshish Karne Walon Ki Haar Nahi Hiti)

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है |

चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है |

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मन का विश्वास रंगो में साहस भरता है |

चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है |

आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

डुबकियाँ सिन्धु में गोताखोर लगाता है |

जा – जाकर खाली हाथ लौट आता है |

मिलते ही न सहज मोती गहरे पानी में,

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो |

क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो |

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागों तुम,

संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागों तुम |

कुछ किए बिना ही जय – जयकार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

प्रेरणादायक कविता हिंदी में – “हार नहीं मानूँगा”

घोसला बनाते पक्षी, रक्षा तन की करने को,

वर्षा, धूप, प्रभजन में भी व्यथा नहीं कहने को।

वास मैं लूँगा यहाँ फरियाद रखूँगा नहीं,

हार मानूँगा नहीं।।

तूफानों ने रह – रहकर घोसला गिराये है इनके,

परवाह नहीं उसकी इनको हर इक ने बनाया है मिलके।

है हठ यही प्रण त्यागूँगा नहीं,

हार मानूँगा नहीं।।

जीवन बना रणभूमि है पग सदा आगे ही धरो,

सच्चे सैनिक बन करके कष्टों से सदा लड़ते ही रहो।

सीख खगों से ले करके लक्ष्य छोडूंगा नहीं,

हार मानूँगा नहीं।।

चाहे कांटो से भरा हो या फूलों से सुसज्जित हो मार्ग मेरा,

हम आगे बढ़ेंगे साहस से बाँधा बलिदानी का सेहरा।

पूजा कर्मों की करके कर्तव्य छोडूंगा नहीं,

हार मानूँगा नहीं।।

जीवन मरण के चक्र में मृत्यु से क्या डर मुझे,

बनकर चिंगारी रवि की ज्योंति भी दूँगा तुझे।

सत्य बोलूँगा सदा झूठ बोलूँगा नहीं,

हार मानूँगा नहीं।।

जीत हो या हार इसका मुझे है गम नहीं,

मंजिल जरा भी स्वर्ग से है कम नहीं।

फूल बाटूँगा सदा, शूल बाटूँगा नहीं,

हार मानूँगा नहीं।।

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