बच्चों में निमोनिया: लक्षण और कारण
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बच्चों में न्यूमोनिया के लक्षण एवं उपचार – Pneumonia symptoms & Treatment in Children In Hindi

Pneumonia symptoms & Treatment In Hindi : न्यूमोनिया लक्षण व उपचार 

Pneumonia symptoms in Baby
Pneumonia symptoms in Baby

बच्चे, जो इस देश में जन्म लेते हैं, उनमें एक लाख में से 149 जन्म के दौरान ही मर जाते हैं एवं 64 प्रतिशत जन्म के 28 दिन के भीतर ही दम तोड़ देते हैं। इसमें प्रमुख कारण है समुचित साधनों का अभाव, उनका समय से पहले जन्म लेना, साँस लेने में घुटन होना एवं न्यूमोनिया। चूकी बच्चे बहुत छोटे होते है इसलिए ये अपनी समस्या को बोलकर नहीं बता पाते है लेकिन बच्चों को न्यूमोनिया होने पर कुछ विशेष लक्षण परिलक्षित होते है जिन्हें आप भी आसानी से पहचान कर सकते है।

न्यूमोनिया के लक्षण  एवं घरेलू उपचार

शिशु द्वारा कुछ पी पाने में असमर्थ (स्तनपान न कर पाना / स्तन से दूध न खीच पाना)

सामान्य अवस्था में शिशु को स्तनपान करने में कोई दिक्कत नहीं होती है लेकिन माँ को अगर ऐसा लगता है कि शिशु का स्तन से दूध खींच पाना कम हो गया है या शिशु जो पहले सही से दूध खींच रहा था अब नहीं खींच पा  रहा है और जो न्यूमोनिया के कारण होता है ।

शिशु का सामान्य से कम हिलना – डुलना

सामान्य से कम हिलना – डुलना गंभीर निमोनिया के कारण हो सकता है । एक सामान्य शिशु को अगर आप सावधानी से देखे तो वह एक मिनट के अन्दर कई बार अपने हाथ – पैर या सर को इधर – उधर चलायेगा ।

शिशु का सुस्त होना या बेहोश हो जाना

वैसे तो जन्मजात शिशु ज्यादातर समय सोते है लेकिन शिशु के तलवों पर उंगलियों से मध्यम प्रहार करने पर जब वह कोई प्रक्रिया नहीं करता है या न्यूनतम प्रक्रिया करके फिर निढाल हो जाता है तो बच्चे की ये प्रतिक्रिया न्यूमोनिया के लक्षणों में से एक लक्षण है ।

सांस तेज चलना (1 मिनट में 60 या 60 से अधिक सांस )

न्यूमोनिया के नाटकीय लक्षणों में से एक बहुत ही मत्वपूर्ण और आसानी से पहचाना जाने वाला लक्षण शिशु की सांस तेज चलना है । इसके लिए बस आपको इतना करना होगा कि शिशु का कपड़ा उठाकर उसकी छाती को देखें । टाइम को ध्यान में रखते हुए ध्यान दे, अगर शिशु एक मिनट में 60 या उससे अधिक बार सांस ले रहा है तो शिशु को न्यूमोनिया है ।

पसली चलना अर्थात सांस अन्दर लेने पर छाती का निचला हिस्सा अन्दर धसना

यदि शिशु के सांस अन्दर खींचने के समय शिशु की छाती का निचला हिस्सा अन्दर धंसे तो इसे पसली चलना कहते है जो कि गंभीर न्यूमोनिया का लक्षण है ।

सांस लेने पर नथुने फूलना

शिशु का सांस लेते वक्त नथुने का फूलना भी सांस लेने में दिक्कत का सूचक है जो कि न्यूमोनिया के कारण होता है ।

कराहना

सांस छोड़ते वक्त यदि शिशु से मध्यम ध्वनि आती है तो इसे कराहना कहते है  ये सांस छोड़ने में दिक्कत का सूचक है जो कि न्यूमोनिया के कारण होता है ।

त्वचा पर दस या दस से अधिक फुंसियां या एक बड़ा फोड़ा हो जाना

त्वचा पर कई फुंसिया जिसमें मवाद हो या फिर फोड़ा, जो कि गंभीर जीवाणु संक्रमण न्यूमोनिया का चिन्ह है ।

काँख का तापमान 37.5 डिग्री से अधिक या छूने पर गर्म महसूस हो / काँख का तापमान 35.5 डिग्री से कम या छूने पर ठंडा महसूस होना

शिशु का तापमान थर्मामीटर से मापना चाहिए । यदि थर्मामीटर नहीं है तो शिशु की काँख को छूकर देखे और मह्सूस करे । क्या सामान्य से अधिक गर्म या ठंडा है क्योंकि  गर्म या ठंडा पड जाना दोनों ही जीवाणु संक्रमण न्यूमोनिया का संकेत हो सकता है ।

ये लक्षण गंभीर बीमारी न्यूमोनिया के है इसलिए इन्हें गंभीरता से ले और जैसे ही किसी भी एक या एक से अधिक लक्षणों की पुष्टि हो तो बच्चे को तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है ।

निमोनिया का इलाज या उपचार 

न्यूमोनिया से पीड़ित बच्चे को सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएँ । न्यूमोनिया का इलाज के लिए एंटीबायोटिक, आराम, पौष्टिक तरल पदार्थ और विशेष देखभाल की अधिक आवश्यकता होती है | बैक्टीरिया जनित न्यूमोनिया का इलाज करने में एंटीबायोटिक का परिणाम बेहतर होता है ।

वायरस जनित न्यूमोनिया का इलाज करने के लिए न्युरामिनिडेस इन्हिबिटर्स का प्रयोग किया जाता है । बच्चों में न्यूमोनिया का इलाज करने के लिए अमोक्सीसिलिन की खुराक दी जाती है ।

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6 thoughts on “बच्चों में न्यूमोनिया के लक्षण एवं उपचार – Pneumonia symptoms & Treatment in Children In Hindi”

  1. निमोनिया पर बहुत ही बेहतरीन लेख लिखा है आपने ,पढ़ कर बहुत ही अच्छा लगा , बच्चों मे निमोनिया की समस्या पर बहुत ही उपयोगी लेख है ,इस महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आपका धन्यवाद,

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