बच्चों में निमोनिया: लक्षण और कारण
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बच्चों में निमोनिया के लक्षण एवं उपचार : Pneumonia symptoms & Treatment In Hindi

Pneumonia symptoms & Treatment In Hindi : निमोनिया के ये है लक्षण व उपचार 

Pneumonia symptoms in Baby
Pneumonia symptoms in Baby

निमोनिया एक श्वसन सम्बन्धी गंभीर विकार को संदर्भित करता है जिसे वायरल से उत्त्पन्न होने वाले फेफड़ों की सूजन के रूप में परिभाषित किया जाता है जो ज्यादातर बच्चों को बहुत जल्दी होता है |

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चूकी बच्चे बहुत छोटे होते है इसलिए ये अपनी समस्या को बोलकर नहीं बता पाते है लेकिन बच्चों को निमोनिया होने पर कुछ विशेष लक्षण परिलक्षित होते है जिन्हें आप भी आसानी से पहचान कर सकते है |

निमोनिया के ये है लक्षण

शिशु द्वारा कुछ पी पाने में असमर्थ (स्तनपान न कर पाना / स्तन से दूध न खीच पाना)

सामान्य अवस्था में शिशु को स्तनपान करने में कोई दिक्कत नहीं होती है लेकिन माँ को अगर ऐसा लगता है कि शिशु का स्तन से दूध खींच पाना कम हो गया है या शिशु जो पहले सही से दूध खींच रहा था अब नहीं खींच पा  रहा है और जो निमोनिया के कारण होता है |

शिशु का सामान्य से कम हिलना – डुलना

सामान्य से कम हिलना – डुलना गंभीर निमोनिया के कारण हो सकता है | एक सामान्य शिशु को अगर आप सावधानी से देखे तो वह एक मिनट के अन्दर कई बार अपने हाथ – पैर या सर को इधर – उधर चलायेगा |

शिशु का सुस्त होना या बेहोश हो जाना

वैसे तो जन्मजात शिशु ज्यादातर समय सोते है लेकिन शिशु के तलवों पर उंगलियों से मध्यम प्रहार करने पर जब वह कोई प्रक्रिया नहीं करता है या न्यूनतम प्रक्रिया करके फिर निढाल हो जाता है तो बच्चे की ये प्रतिक्रिया निमोनिया के लक्षणों में से एक लक्षण है |

सांस तेज चलना (1 मिनट में 60 या 60 से अधिक सांस )

निमोनिया के नाटकीय लक्षणों में से एक बहुत ही मत्वपूर्ण और आसानी से पहचाना जाने वाला लक्षण शिशु की सांस तेज चलना है | इसके लिए बस आपको इतना करना होगा कि शिशु का कपड़ा उठाकर उसकी छाती को देखें | टाइम को ध्यान में रखते हुए ध्यान दे, अगर शिशु एक मिनट में 60 या उससे अधिक बार सांस ले रहा है तो शिशु को निमोनिया है |

पसली चलना अर्थात सांस अन्दर लेने पर छाती का निचला हिस्सा अन्दर धसना

यदि शिशु के सांस अन्दर खींचने के समय शिशु की छाती का निचला हिस्सा अन्दर धंसे तो इसे पसली चलना कहते है जो कि गंभीर निमोनिया का लक्षण है |

सांस लेने पर नथुने फूलना

शिशु का सांस लेते वक्त नथुने का फूलना भी सांस लेने में दिक्कत का सूचक है जो कि निमोनिया के कारण होता है |

कराहना

सांस छोड़ते वक्त यदि शिशु से मध्यम ध्वनि आती है तो इसे कराहना कहते है  ये सांस छोड़ने में दिक्कत का सूचक है जो कि निमोनिया के कारण होता है |

त्वचा पर दस या दस से अधिक फुंसियां या एक बड़ा फोड़ा हो जाना

त्वचा पर कई फुंसिया जिसमें मवाद हो या फिर फोड़ा, जो कि गंभीर जीवाणु संक्रमण निमोनिया का चिन्ह है |

काँख का तापमान 37.5 डिग्री से अधिक या छूने पर गर्म महसूस हो / काँख का तापमान 35.5 डिग्री से कम या छूने पर ठंडा महसूस होना

शिशु का तापमान थर्मामीटर से मापना चाहिए | यदि थर्मामीटर नहीं है तो शिशु की काँख को छूकर देखे और मह्सूस करे | क्या सामान्य से अधिक गर्म या ठंडा है क्योंकि  गर्म या ठंडा पड जाना दोनों ही जीवाणु संक्रमण निमोनिया का संकेत हो सकता है |

ये लक्षण गंभीर बीमारी निमोनिया के है इसलिए इन्हें गंभीरता से ले और जैसे ही किसी भी एक या एक से अधिक लक्षणों की पुष्टि हो तो बच्चे को तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है |

निमोनिया का इलाज

निमोनिया से पीड़ित बच्चे को सबसे पहले डॉक्टर को दिखाएँ | निमोनिया का इलाज के लिए एंटीबायोटिक, आराम, पौष्टिक तरल पदार्थ और विशेष देखभाल की अधिक आवश्यकता होती है | बैक्टीरिया जनित निमोनिया का इलाज करने में एंटीबायोटिक का परिणाम बेहतर होता है |

वायरस जनित निमोनिया का इलाज करने के लिए न्युरामिनिडेस इन्हिबिटर्स का प्रयोग किया जाता है | बच्चों में निमोनिया का इलाज करने के लिए अमोक्सीसिलिन की खुराक दी जाती है |

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6 thoughts on “बच्चों में निमोनिया के लक्षण एवं उपचार : Pneumonia symptoms & Treatment In Hindi”

  1. निमोनिया पर बहुत ही बेहतरीन लेख लिखा है आपने ,पढ़ कर बहुत ही अच्छा लगा , बच्चों मे निमोनिया की समस्या पर बहुत ही उपयोगी लेख है ,इस महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आपका धन्यवाद,

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