Anidra Ka Upchar In Hindi
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अनिद्रा का उपाय (Anidra Ka Upchar In Hindi)

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अनिद्रा के कारण और आसान रामबाण घरेलू उपचार (Cause And Easy Home Remedies For Sleeplessness In Hindi)

Anidra Ka Upchar In Hindi : अनिद्रा या नींद न आना को चिकित्सकीय भाषा में ‘स्लीपलेसनेस या इंसोम्निया’ कहते है | स्लीपलेसनेस के कारण अनेकानेक दुष्प्रभाव शारीरिक –  मानसिक स्वास्थ्य पर परिलक्षित होने लगते है |  ज्यादा दिनों तक नींद से वंचित रहने पर व्यक्ति को विक्षुब्ध जैसी स्थिति से भी गुजरना पड़ता है |

Anidra Ka Gharelu Upchar
Anidra Ka Upchar

यह समस्या जब अत्यधिक बढ़ जाती है तो व्यक्ति नींद लाने वाली गोली, नशीली दवाओं आदि का सहारा लेने लगता है | लेकिन इससे बहुत से साइड इफेक्ट होने के साथ अनिद्रा की व्याधि नए एवं परिवर्तित रूपों में उभरती रहती है |

इसलिए सबसे पहले रोग के कारणों का जानना जरुरी होता है क्योंकि अनिद्रा रोग का मूल कारण पता किए बिना उपचार नहीं किया जा सकता |

अनिद्रा के कारण (Anidra Ke Karan)

अनिद्रा के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे –

-> सोते समय वर्तमान या भविष्य के ताने – बाने बुनते रहना

-> भूतकाल की बातों में उलझे रहना या उन्हें मन से न निकाल पाना

-> सिर दर्द या शरीर का दर्द, किसी रोग की वजह से बचैनी होना

-> क्षोभ या चिंता

-> बुरे विचारों से घिरे रहने

-> अजीर्ण

-> ह्रदय रोग

-> श्वास रोग

-> शोथ

-> ज्वर

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-> दु:स्वप्न आदि

नींद न आने के ये सभी कारण प्राय: अस्थाई होते हैं | रोग का शमन होते ही नींद आने लगती है एवं व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है, किन्तु हाइपरटेंशन में उत्पन्न अनिद्रा सर्वाधिक कष्टकारी होता है |

अनिद्रा का घरेलू उपचार /उपाय (Gharelu Upchar For Good Sleep)

निद्राकारक लगातार दवाईयों का सेवन करते रहने से सुखकर नींद तो नहीं आती, हाँ रोगी व्यक्ति नशा – सेवन की तरह अर्द्धप्रसुप्त अवस्था में जरुर पड़ा रहता है | इस स्थिति से निजात दिलाने में अनिद्रा का सबसे प्रभावी घरेलू उपचार काढ़ा का सेवन बहुत ही लाभकारी सिद्ध हो सकता है | 

अनिद्रा नाशक काढ़े को बनाने के उपाय –

-> ब्राह्मी – 1 चम्मच (पाँच ग्राम)

-> शंखपुष्पी – 1 चम्मच

-> विजया – 1 चम्मच

-> खुरासानी अजवायन – चौथाई 1/4 चम्मच

-> जटामांसी – 10 ग्राम से 30 ग्राम तक

-> सर्पगंधा – ½ चम्मच

-> हरण – 1 चम्मच

-> अश्वगंधा – ½ चम्मच

-> गिलोय – 1 चम्मच

-> पुनर्नवा – 1 चम्मच

-> अर्जुन – 1 चम्मच

-> वरुण ½ चम्मच                      

इन सभी बारह घटक द्रव्यों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप उनके गुणनक्रम में लेकर उनका सम्मिलित जौकुट पाउडर तैयार कर ले और एक स्वच्छ डिब्बे में सुरक्षित रख ले |

काढ़ा बनाते समय सम्मिलित पाउडर में से 5-6 चम्मच (30 ग्राम) पाउडर लेकर रात को सोने से पहले आधा लीटर पानी में भिगों दे और सुबह मंद आंच पर काढ़ा बनाए |

चौथाई अंश शेष रहने पर काढ़े को ठंढा करके साफ़ – सुधरे कपड़े से छान ले | तैयार काढ़े की आधी मात्रा सुबह एवं आधी मात्रा शाम को सेवन करे |

खान – पान में परहेज के साथ इस आर्युर्वेदिक घरेलू काढ़े को इलाज के तौर पर नित्य – नियमित रूप से सेवन करने से न केवल अनिद्रा रोग दूर होता है बल्कि उसके कारण में मूल उच्चरक्तचाप आदि व्यधियाँ भी नियंत्रित एवं शमित होती है |

निम्न बातों का भी ख्याल रखे  –

-> आहार – परहेज का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, विशेष कर उच्च रक्तचापजन्य अनिद्रा के रोगी को |

-> रात के वक्त तली – भुनी एवं पचने में भारी चीजे नहीं खानी चाहिए |

-> भोजनोपरांत महाशंखबटी की दो गोली सुबह एवं दो गोली शाम को जल के साथ सेवन करना चाहिए |

-> अनिद्रा रोग को दूर करने का सबसे सरल उपाय है – ध्यान एवं मानसिक जप |

-> बिस्तर पर लेटते ही ‘शवासन मुद्रा’ में पड़कर शरीर और मन को ढीला छोड़ देना चाहिए |

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8 thoughts on “अनिद्रा का उपाय (Anidra Ka Upchar In Hindi)”

  1. पूरा दिन एक्टिव और तरोताजा मह्सूस करने के लिए रात में अच्छी नींद बहुत जरूरी है. लेकिन आज – कल की लाइफ में चिंता और बुरे विचारों जैसे कई कारणों से लोग रात को ठीक से नींद नहीं ले पाते|जो कि एक बड़ी समस्या बनती जा रही है|
    आपने अनिद्रा के कारण और उसके निदान के बारे में बखूबी समझाया है. इतनी महत्वपूर्ण जानकारी शेयर करने के लिए धन्यवाद बबीता जी….

  2. बबिता, अनिद्रा के लिए बहुत उपयोगी जानकारी दी हैं आपने। शेयर करने के लिए धन्यवाद।

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