पेट में कीड़े के लक्षण
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पेट में कीड़े होने के कारण लक्षण उपचार और घरेलू इलाज (Pet Me Kide in hindi)

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पेट में कीड़े के कारण लक्षण इलाज और घरेलू उपचार Cause Symptoms Treatment And Home Remedies Stomach Worms In Hindi

Pet me kide : जब बच्चे कुछ खाते पीते नहीं है | उन्हें भूख भी नहीं लगती है | वो सुस्त रहने लगते है या फिर दूसरे बच्चों के मुकाबले अपने बच्चे का वजन कम बढ़ता है तो माता -पिता बहुत फिक्रमंद होने लगते है लेकिन यह लक्षण किसी गंभीर बीमारी के नहीं है बल्कि पेट में कीड़े होने के लक्षण है |

पेट में कीड़े के लक्षण
पेट में कीड़े के लक्षण

पेट और आंतों में पल रहे कीड़े शरीर के पोषक तत्वों को चूसकर उन्हें कमजोर बना देते है | ये कृमि एनीमिया, कुपोषण के अलावा पाचन तंत्र, हार्ट, लीवर, दिमाग को भी नुकसान पहुंचाते है | इतना ही नहीं यह कीड़े कई शारीरिक, मानसिक समस्याएं भी पैदा कर देती है | 

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पेट में कीड़े के कारण (pet me kide ka karan)

-> प्रदूषित खाद्ध पदार्थो का सेवन

-> साफ – सफाई जैसे किचन साफ़ न रखना, सब्जी बनाने से पहले ठीक से न धोना, हाथ की सफाई, खाने के बर्तनों की सफाई आदि |

-> छोटे बच्चों द्वारा अपना अंगूठा चूसना, किसी भी बस्तु को उठाकर मुंह में डाल लेना |

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उम्र जो भी हो साफ – सफाई का ध्यान न देने पर कृमि किसी भी व्यक्ति के आंतों में हो सकते है | आप को यह जानकर आश्चर्य होगा कि मनुष्य के शरीर के अन्दर करीब 17 तरह के परजीवी कीड़े होते है | इन कीड़ों का लाइफ स्पैन लगभग एक जैसा ही होता है | पर ये कीड़े शरीर के विभिन्न अंगों पर अपना विपरीत असर डालते है | इनमे से कुछ कीड़े बच्चों में ही ज्यादा मिलते है |

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पेट के कीड़े का उपचार या इलाज
पेट के कीड़े का उपचार

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पेट में कीड़े के लक्षण (Pet me kide ke lakshan/symptoms)

पेट की आंत में वर्म होने पर विभिन्न लक्षण दिखते है | कुछ प्रमुख लक्षण निम्न है –

-> वजन न बढ़ना 

-> त्वचा की चमक कम होना

-> कमजोरी आ जाना, भूख न लगना या अधिक भूख लगना 

-> कुछ खाने के बाद उल्टी जैसा मन करना और मल मार्ग में खुजली होना 

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-> शरीर में खून की कमी होना

-> चेहरे पर सफेद रंग के चकत्ते दिखाई देना

-> पेट बढ़ना और दर्द होना

-> सांस फूलना, मिट्टी खाना और सोते वक्त दांत रगड़ना 

-> बालों का रंग भूरा हो जाना  

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पेट के कीड़े का उपचार या इलाज  [Pet me kide ka ilaj (treatment)]

कृमियों के संक्रमण से बचने के लिए डिवर्मिंग कराना बहुत जरुरी होता है नहीं तो यह कीड़े जान के दुश्मन भी बन सकते है क्योंकि इन कीड़ों के अंडो की संख्या एक बार में लाखों की होती है | अगर समय पर इनका इलाज नहीं किया गया तो यह गुच्छों में पनपने लगते है जो कि और भी घातक हो जाते है |

पेट के worms का इलाज बेहद आसन है | यह इलाज कीड़े की कैटेगरी और मरीज के लक्षण को देखकर होता है | ज्यादातर worms की जांच स्टूल टेस्ट के जरिए ही की जाती है |

यह जरुरी नहीं कि कीड़े केवल पेट या आंत में ही हो | कई मामलों में यह आंख और दिमाग में पहुँच जाते है | जिसकी वजह से बच्चों में दौरे पड़ने लगते है | इन कीड़ों का पता ब्रेन का सीटी स्कैन, एमआरआई, ईआईटीपी, ब्लड टेस्ट आदि से लगाया जाता है|

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पेट के कीड़े की दवा (Pet ke kide (worms) ka daw  (Medicine)

शरीर में परजीवी की तरह रहने वाले ये कीड़े उनका अधिकांश पोषण खुद ही खाते है | इसलिए बच्चों को साल में दो बार कीड़े मारने की दवा जरुर देनी चाहिए | कीड़े मारने की दवाओं में  एल्बेंडाजोल, प्रेप्राजीन, पेयरैन्टल, प्राजिक्विंटल, निक्लोजामाइटेल आदि आते है जिन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार देना चाहिए |

पेट के कीड़े का घरेलू उपचार (Pet me kide Ka gharelu ilaj)

Pet me kide होने पर आप कुछ घरेलू नुख्से को भी अपना सकते है | इन देशी / आयुर्वेदिक इलाज से भी कीड़े खत्म हो जाते है –

-> उबले पानी का सेवन करें |

-> दो पत्ती नीम दो पत्ती तुलसी अगर वयस्क व्यक्ति हो तो चार पत्ती नीम और चार पत्ती तुलसी को एक चम्मच शहद के साथ सुबह – शाम मरीज को दे |

-> एक गिलास सादे पानी में नीम या तुलसी के पत्तियों को डालकर पीने से भी worms की समस्या दूर होती है |

-> शरीर व हाथों की साफ – सफाई पर ध्यान देना चाहिए | खासतौर पर बच्चे खाने से पहले साबुन से हाथ जरुर धोएं |

-> बच्चा अगर छोटा है तो उसपर हमेशा नजर रखे कि कही बच्चा मुंह में उंगली तो नहीं डाल रहा |

-> गीली मिट्टी और कूड़े करकट से बच्चों को दूर रखें क्योंकि छोटे बच्चों की आदत होती है किसी भी सामान को उठाकर मुंह में डालने की |

-> मल – मूत्र का त्याग शौचालय में ही करें |

-> बच्चा जब बाहर से खेलकर आएं तो उसके हाथ – पैर जरुर धुलवाएँ |

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31 thoughts on “पेट में कीड़े होने के कारण लक्षण उपचार और घरेलू इलाज (Pet Me Kide in hindi)”

  1. bahut achha post hai, jise jor sor se saraha jana chahiye aur mere taraf se babita medam ko bahut- bahut dhanyavad……………..

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