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हकलाने का कारण इलाज और उपाय (Stammering treatment in Hindi)

हकलाने तुतलाने का कारण उपचार और इलाज Haklane (Stammering) Ka Ilaj (Treatment) In Hindi)

Haklane Ka Ilaj & Upchar in hindi
Haklane Ka Ilaj & Upchar in hindi
Stammering Cure
Haklane Ka Ilaj Hindi Me : जब कोई रुक – रुक कर या अटक – अटक कर बोलता है तो इसे हकलाना (stammering) कहा जाता है | अधिकांश लोग हकलाने का सामान्य अर्थ तुतलाने से लगाते है लेकिन दोनों में बहुत अंतर है |

हकलाने का लक्षण : हकलाने (stammering) में बालक बोलते समय अपनी बात को अटककर अर्थात थोड़ी देर रूककर कहता है, क्योंकि बोलते समय बच्चें की ध्वनि अवरुद्ध हो जाती है | इतना ही नहीं वह पूरा वाक्य बोलने में थोडा समय लगाता है | व्यक्ति बोलने का पूरा प्रयास करता है और इस प्रयास में उसके होंठ, जीभ, एवं जबड़े भी हिलते रहते है, मुंह खुला का खुला रह जाता है लेकिन आवाज नहीं निकलती |

वैसे हकलाना आम दोष है और वैज्ञानिकों का भी मानना है कि हकलाना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक समस्या है | लेकिन यह दोष क्यों पैदा हो जाता है इस पर आप ने कभी गौर किया है और क्या हकलाने यानि Stammering का इलाज संभव है ? इस सवाल का जबाब देने से पहले इसके कारणों को जान लेना जरुरी है |

हकलाने का कारण (Reason for stammering in hindi)

School में हम teachers को आए दिन इस समस्या से दो चार होना पड़ता है | Pre-primary class के छोटे – छोटे बच्चे जिन्होंने अपने जीवन में अभी बोलना शुरू ही किया होता है उनमें से कुछ बच्चों के parents इस बात से परेशान रहते है कि उनका बच्चा हकलाता है | वे समझ नहीं पाते कि आखिर बच्चे के हकलाने की असली वजह क्या है |

हकलाने के सही – सही कारण विशेषज्ञ भी नहीं जान सके है | लेकिन हकलाने की समस्यां पर किए गए कुछ अध्ययनों से ज्ञात हुआ है कि :

    1.      कभी – कभी नर्वस सिस्टम में खराबी आ जाने से बोलचाल में हकलाहट आ जाती है तो कभी अचानक कोई सदमा लगने से भी बच्चें हकलाने लगते है |

    2.      कुछ बच्चे बचपन से ही हकलाते है | अगर घर में कोई हम उम्र बच्चा या कोई बड़ा व्यक्ति हकलाता है, तो उसकी नकल उतारते – उतारते बच्चों को खुद भी हकलाने की आदत पड़ जाती है |

     3.      भय, तनाव और घबराहट बच्चें के हकलाने का कारण हो सकता है |

     4.      हकलाहट वंशानुगत भी हो सकती है |

हकलाहट का उपाय (Haklane Ka ilaj)

हकलाहट मात्र एक समस्या है कोई बीमारी नहीं है | इसलिए परेशान न हों | हकलाने वालें बच्चों के साथ थोड़ा सहयोगी रवैया अपनाने के साथ निम्न बातों पर ध्यान दें |

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किसी अच्छे मनोचिकित्सक को दिखाएं 

जैसे ही आप को बच्चें के हकलाने का आभास हो उसे तुरंत ही किसी मनोचिकित्सक के पास ले जाकर इलाज करवाएं | ध्यान रखें कि मनोचिकित्सक अनुभवी और संवेदनशील व्यक्ति हो, ताकि बच्चा अपने डर और तनाव के बारें में खुलकर बात कर सके |

यदि बच्चा अपनी परेशानी और डर की वजह को खुद बता सके और उनके साथ तालमेल बिठा सके, तो यह ज्यादा अच्छा है | मनोचिकित्सक उन बातों की तह में जाने की कोशिश करते है कि बच्चें में किस वजह से हकलाहट है | क्योंकि हकलाने का एक बार कारण पता लग जाने पर में इलाज करने में आसानी होती है |

माता – पिता का सहयोग 

बच्चें की हकलाहट को दूर करने में माता – पिता का सहयोग अति महत्वपूर्ण है | ये ही बच्चों के सबसे करीब होते है | अगर माता – पिता कुछ छोटी – छोटी बातों का ध्यान रखें, तो इस समस्या पर शुरू में ही काबू पाया जा सकता है | जैसे बच्चें के मन में सुरक्षा और डर की भावना को न आने दें |

हर समय भाषा और बोलने के तरीके में गलतियां न निकालें | अगर वह गलत बोलता है तो उसे प्यार से समझा दें | डांटने से वह और ज्यादा गडबड बोलने लगते है और हीन भावना का शिकार होने लगते है | उन्हें दूसरें हकलाने वाले लोगो की नकल करने से मना करें |

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आप  वैसे ही बात करें जैसा कि आप किसी सामान्य व्यक्ति से बात करते है |

Haklane Ka Ilaj in hindi
Haklane Ka Ilaj in hindi
  •     Be a Good Listener – अच्छे श्रोता बनें | अगर आप बच्चे से कोई सवाल पूछ रहे है तो उसे जबाब देने के लिए समय दें और उसकी बातों को ध्यान से सुनें | कोशि
  • श रहे कि ज्यादा सवाल न पूछे |
  •       बच्चा आपसे जो बातें कह रहा हो उसके विषय में रूचि दिखाएं | इस बात पर ज्यादा गौर न करें कि वह किस तरह कह रहा है |
  •      बच्चें की हकलाहट को दूर करने के लिए उसके खुद के अन्दर आत्मविश्वास जगाएं | उसके अन्दर के भय को दूर करने में उसका हौसला बढाएं ताकि वह खुद से भी कोशिश कर सके और यह उसके लिए बेहद जरुरी है |
  •      मनोचिकित्सक के अलावा speech therapist भी हकलाहट दूर करने की समस्या में मददगार हो सकते है |
हकलाहट (stammering cure) की समस्या को समय से पहचान कर दूर करना आवश्यक होता है अन्यथा वे स्थायी हो जाते है और बच्चें के व्यक्तित्व विकास (personality development) पर भी दुष्प्रभाव डालते है |
अत: माता – पिता, शिक्षक और बच्चें के सम्पर्क में रहने वाले सभी लोगों का यह दायित्व बनता है कि बच्चे की हकलाहट(stammering) में सुधार शुरू से ही करें ताकि बच्चें को सामाजिक समायोजन करने में कठिनाई न हो |

निवदेन 

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16 thoughts on “हकलाने का कारण इलाज और उपाय (Stammering treatment in Hindi)”

  1. Mam Mai 20 sal ka ho gya hu Mai ruk ruk kr bolta hu pr Mai bachpan me asa nhi tha pta nhi muhje ye aadat kaise lag gye jab Mai kaise lag gye ye muhje tab hota h jab Mai kaise anjan person see bat krta hu tab maira Dil mind Mai ajiv see ghbrahat see hone lgti h or jinhe Mai janta hu unke sath lagbag thik bol lega hu
    Mam muhje kuch btaiye plz jisse me is pr control kr sku

    1. Gaurav जी शायद आप में आत्मविश्वास की कमी जिससे आप किसी अनजान व्यक्ति से बात करते समय रुक रुक बोलते है | आप अपना आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश करे |

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