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Winter Health Tips : सर्दियों में ठंड से बचने के उपाय और घरेलू नुस्खे

ठंड से बचने के लिए आसान और घरेलू तरीके (Thand Se Bachne Ke Upay Aur Gharelu Nuskhe)

ठंड से बचने के उपाय : मित्रों सर्दियों ने दस्तक दे दी है और जाहिर सी बात है कि आप के गर्म कपड़े जो अब तक आलमारियों में रखें हुए थे वे सब बाहर निकल आये होंगे | हो सकता है आपने नए गर्म कपड़ो की shopping भी कर ली होगी और अब आप सर्दियों का सामना करने के लिए तैयार है |

क्यों सही कहा न ! लेकिन सच तो यह है कि इतना ही काफी नहीं है क्योंकि सर्दी के मौसम में ठंड से शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है इसलिए जितना हो सके ठंड से बचना चाहिए |

इस मौसम जरा सी भी लापरवाही बरतने पर कुछ स्वास्थ्य समस्याएं (health problem) पैदा हो सकती है और जिन्हें दिक्कते पहले से होती है उन्हें विशेष रूप से देखभाल और उपचार की जरुरत होती है क्योंकि सर्दियों में उनकी दिक्कते बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है |

छोटे बच्चों और बुजुर्गों में इम्युनिटी क्षमता के कम होने के कारण उन्हें सांस संबंधी बीमारियों से ज्यादा खतरा रहता है लेकिन घबड़ाने की कोई जरुरत नहीं है ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ अंदर से स्वस्थ्य होना भी जरुरी है और इसीलिए आज मैं आपसे सर्दी में ठंड से बचने के बढ़िया और आसान घरेलू उपाय share कर रही हूँ |

Winter Health Tips In Hindi
Winter Health Tips In Hindi

ठंड से बचने के उपाय हिंदी में (Thand Se Bachne Ke Upay In Hindi)

सर्दियों के मौसम में ठंडी बर्फीली हवा और गिरता पारा कुछ खास किस्म के विषाणु (virus) को सक्रिय कर देता है जो न केवल नाक और गले के संक्रमण को बढ़ता है बल्कि तापमान गिरने से लोगों की कई अन्य तकलीफे भी बढ़ा देता है | पर आप सेहत के प्रति सजग रहकर ठण्ड के  संक्रमण से बच सकते है और सर्दी के मौसम का पूरा लुफ्त लुफ्त उठा सकते है | लेकिन इसके लिए आप निम्न बातों का ख्याल रखें –

  • सर्दियों में छोटे – छोटे प्रदूषण के कणों के इर्द – गिर्द जमने से बना स्मोग हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता है | इसलिए यदि आप morning walk करने जाते है तो आपको अपना morning walk का समय बदल लेना चाहिए |
  • शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immunity capacity) को दुरुस्त रखने के लिए अपने आहार में फल व सब्जी को शामिल करें | इस समय पालक, बथुआ, मेथी, ब्रोकली, आवला, मटर, चुकंदर आदि सब्जियाँ आसानी से मिल जाती है और यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है |
  • ठंडी, खट्टी, तीखी चीजों से परहेज करें |
  • गरम तरल पदार्थ जैसे चाय, कॉफ़ी, ग्रीन टी, हल्दी दूध व सूप का सेवन जरुर करें |
  • पूरा शरीर ढकने वाले कपड़े पहने | सर, गले और कान को खासतौर पर ढके | देर रात घर से बाहर न निकले |
  • इस मौसम में ठंड लगने से फीवर के साथ – साथ सर्दी – जुकाम और गले में इन्फेक्शन हो जाता है | इसलिए गर्म कपड़े पहने और स्नान गुनगुने पानी से करें | इन्फेक्शन से बचने के लिए साबुन – पानी से हाथ धोने की अच्छी आदत डाले |
  • शरीर की मालिश करें | इससे रक्त संचार बेहतर होता है |
  • खांसी, फ्लू और सांस के रोगियों को सुबह – शाम भाप लेना चाहिए | सूप, जूस और गुनगुना पानी पीना चाहिए क्योंकि यह गले और सांस की नलियों के लिए फायदेमंद होता है |
  • गले में खरास हो तो गर्म पानी और नमक से गरारे करें |
  • कभी भी बंद कमरे में हीटर या अंगीठी न जलाए, यह खतरनाक हो सकता है |

ठंड में विभिन्न बीमारियों से बचने के घरेलू उपाय (Very Easy Home Remedies For Winter Cold Diseases In Hindi)

सर्दी के मौसम में सांस संबंधी बीमारियों जैसे दमा (asthma), COPD और एलर्जी आदि का प्रकोप कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है | ऐसे में बच्चों और वृद्धों पर विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है | ठण्ड में बढ़ने वाली कुछ बीमारियाँ और उनका घरेलू उपचार निम्न प्रकार से है –

निमोनिया 

निमोनिया फेफड़ो को संक्रमित करने वाली आम किन्तु गंभीर समस्या है | यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है | बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण सर्दी के मौसम उन्हें निमोनिया तथा सांस संबंधी बीमारियों से ज्यादा खतरा रहता है और नवजात शिशुओं में विषाणु जनित डायरिया भी हो सकता है |

सर्दी के मौसम में ठंड लगने से यह समस्या और बढ़ सकती है इसलिए अगर बच्चें में तेज सांसे, खासी, धंसी हुई छाती, सांस तेज चलने के साथ बुखार और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए | साथ ही ठंड के असर को कम करने के लिए निम्न बातों पर भी ध्यान दें –

  • खाना पौष्टिक तत्वों से भरपूर खाए ताकि इम्युनिटी क्षमता कम न होने पाए |
  • धुआ या या धूम्रपान से दूर रहे क्योंकि ये चीजे संक्रमण के खतरे को और भी बढा देता है |
  • छोटे बच्चों को सभी आवश्यक टीके जरुर लगवाएं |
  • ठण्ड के कारण संक्रमण होने की स्थिति में योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें ताकि समय रहते इलाज हो जाए क्योंकि आपसे यह संक्रमण दूसरो को भी हो सकता है |

दमा (Asthma)

अस्थमा एक ऐसी सांस की बीमारी है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है आजकल इस बीमारी का होना एक आम समस्या हो गई है | लेकिन सर्दी के मौसम में दमा के मरीजों को अपना खास ख्याल रखने की जरुरत होती है क्योंकि इस मौसम में सर्दी बढ़ने के साथ ही सांस नली की संवेदनशीलता तुलनात्मक रूप से बढ़ जाती है और इस वजह से सांस की नली सिकुड़ती है |

इस बीमारी से पीड़ित लोगों को ठंड के मौसम में सर्दी के असर से बचने के लिए निम्न चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए |

  • अस्थमा के मरीज को सुबह एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए |
  • सांस के रोगी इस मौसम में नियमित रूप से डॉक्टर के संपर्क में रहे | अगर इनहेलर का इस्तेमाल करते है तो उसे हमेशा अपने पास रखे |

एलर्जी 

सर्दियों में प्रदूषित कोहरे के संपर्क में आने से आखों में जलन, आंसू, नाक में खुजली, गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण सामान्य तौर पर देखने को मिलते है | इसलिए अगर कोहरा हो तो mornning वॉक पर न जाए और कोशिश करें कि सर्दियों में देर रात घर से बाहर न निकले | इसके अलावा आप सर्दी के असर को कम करने के लिए अपने खाने में निम्न चीजों को शामिल कर एलर्जी की परेशानी को दूर कर सकते है –

  • लहसुन के अंदर एंटी आक्सीडेंट पाए जाते है | रोज सुबह गुनगुने पानी के साथ लहसुन की बस दो कालिया खाने से आप सर्दियों में होने वाले एलर्जी से बच सकते है |
  • एक गिलास गरम दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर सेवन करें |
  • अदरक के अन्दर एंटी एनफ्लामेंटरी और एंटी आक्सीडेंट गुड अच्छी मात्रा में पाए जाते है | यह कफ को दूर भगाने में मदद करता है |
  • सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नीबू का रस मिलाकर पीना चाहिए | नीबू विटामिन सी का अच्छा स्रोत है |
  • अलसी के बीज के अंदर ओमेगा 3 फैटी एसिड होते है जो आपके शरीर के एलर्जी को खत्म करने में मदद करते है |

Influenza या Flu 

इन्फ्लूएंजा या फ्लू सर्दियों में अचानक होने वाला बुखार है जो कि इन्फ्लुएंजा नाम के वाइरस के द्वारा संक्रमण होने से होता है | इसमें बुखार, शरीर और सिर में दर्द, कमजोरी तथा खांसी जैसी समस्या होती है |

Home Remedies For Winter
Home Remedies For Winter

सर्दी के मौसम में बच्चों, वृद्धो, गर्भवती महिलाओं, दमा, सी.ओ.पी.डी, डायबिटीज, और ह्रदय रोगों से ग्रस्त लोगों में फ्लू का प्रकोप गंभीर रूप लेने की संभावना बढ़ जाती है | ऐसे लोगों को रोजाना एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नीबू निचोड़कर पीने से बहुत आराम मिलता है |

हार्ट-अटैक Heart Attack

दिल हमारे शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है | इसकी सुरक्षा में जरा सी भी लापरवाही कई सारी दिक्कते पैदा कर सकती है खासतौर पर सर्दी के मौसम में | क्योंकि इस मौसम में तापमान में गिरावट के कारण रक्तवाहिनियों में भी सिकुडन होती है और कोलेस्ट्रोल बढ़ जाता है जिसके कारण हार्ट – अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है | इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को ठंड के असर को बेअसर करने के लिए निम्न उपायों को अपने रुटीन में शामिल करना चाहिए –

  • अपनी जीवनशैली (lifestyle) में व्यायाम (exercise) को शामिल करें | अधिक तेल वाले खाने (oily food) या फिर जंक फूड (junk food) खाने से परहेज करे |
  • धूम्रपान (smoking) ना करें क्योंकि इसका असर दिल और फेफड़ो पर पड़ता है | तम्बाकू और cigarette का निकोटिन खून की नलियों को संकुचित कर देता है | जिससे खून की रफ्तार में बाधा उत्पन्न होने लगती है और दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है | इससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है | इसलिए धूम्रपान से तौबा करे |
Winter Health Tips In Hindi
Winter Health Tips In Hindi

दूसरे मौसम की तुलना में winter season अच्छा माना जाता है | लेकिन यह हम सब के लिए तभी अच्छा हो सकता है जब हमारा स्वास्थ्य अच्छा हो और अच्छे स्वास्थ्य के लिए इन winter health tips का ख्याल रखना भी जरुरी है क्योंकि सेहत है तो नेमत है (Health is wealth) |

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