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एकता में शक्ति कहानी : आखिर जुड़ेगा India तभी तो बढेगा India

Motivational Story in Hindi on Ekta Me Shakti Kahani

motivational story on Ekta Me Shakti Kahani
एकता में शक्ति
विनोवा भावे

Ekta Me Shakti Kahani : एक दिन विनोवा भावे जी के पास collage के कुछ students आये | विनोवा जी ने उन्हें कागज के टुकड़े देते हुए कहा – आप लोगों को इन कागज के टुकडो से भारत का नक्शा बनाना है | विद्यार्थी बहुत देर तक सिर खपाने के बाद भी उन टुकड़ो को जोड़कर नक्शा नहीं बना पाये | पास ही एक नौजवान युवक बैठा यह सब देख रहा था |

कुछ साहस करके उसने विनोवा जी से कहा – “आप यदि आज्ञा दें तो मैं इन टुकड़ो को जोड़ दूं |”

विनोवा जी की आज्ञा पाकर कुछ ही देर में उस युवक ने टुकडो को जोड़कर नक्शा बना दिया |

विनोवा जी ने उस युवक से पूछा –   “तुमने इतनी जल्दी इन टुकड़ों को कैसे जोड़ दिया?” 

युवक ने कहा – “इन टुकड़ो में एक तरफ भारत का नक्शा है तथा दूसरी तरफ आदमी का | मैंने आदमी को जोड़ा भारत अपने आप बन गया |

उस युवक की बातों और बिचारों से खुश होते हुए विनोवा जी बोंले – बिलकुल सही, एकता में अपार शक्ति होती है | इसलिए यदि हमें देश को जोड़ना है तो पहले आदमी को जोड़ना पड़ेगा, आदमी जुड़ेगा तो देश अपने आप जुड़ जायेगा |

Moral : भारत अनेक विविधताओं का देश है | यहाँ के लोग अनेक धर्मों , प्रजातीय, भाषाई, सांस्कृतिक आदि समूहों में बंटे हुए | इसलिए देश को जोड़ने  के लिए हमारा और आपका यानि सबका आपस में जुड़ना बेहद जरुरी है आखिर जुड़ेगा India तभी तो बढेगा India

निवदेन – Friends अगर आपको यह “hindi story on Ekta Me Shakti Kahani : एकता में शक्ति” अच्छी लगी हो तो इसे जरुर share कीजियेगा और हाँ हमारा free email subscription जरुर ले ताकि मैं अपने future posts सीधे आपके inbox में भेज सकूं |

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15 thoughts on “एकता में शक्ति कहानी : आखिर जुड़ेगा India तभी तो बढेगा India”

  1. ऐसे प्रेरक प्रसंग हमारे मन में जीने का उत्साह पैदा करते है, बहुत ही सुन्दर प्रेरक प्रसंग आपने हम सब के बीच रखा है | बहुत बहुत धन्यवाद बबिता जी

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