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इको फ्रेंडली बनें और प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएं – Eco Friendly Diwali Essay in Hindi

प्रदूषण मुक्त दिवाली पर निबंध | Essay on Eco Friendly Diwali In Hindi | प्रदूषण रहित दिवाली पर निबंध 

Eco Friendly Diwali in Hindi - Essay

Pollution free diwali essay in hindi | Diwali without crackers essay in hindi | Eco Friendly Diwali Essay in Hindi

Eco Friendly Diwali in Hindi – पांच दिवसीय पर्व दिवाली भारत में बहुत ही हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन ज्योति के महासागर में पूरा देश अनेक असंख्य दीपकों और लड़ियों से जगमगाता है। इस अवसर पर लोग अपनी खुशियों का इजहार पटाखों से भी करते है। लेकिन इन पटाखों से कितना प्रदूषण फैलता है क्या आप को पता है ? इतना ही नहीं पटाखों की वजह से अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। पटाखों के विषैले धुएँ से मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। इसके अलावा आम दिनों में जितना प्रदुषण कई महीनों में होता है उतना प्रदूषण दीवाली के दिन होता है। 

कुछ लोगो का ये भी कहना होता है कि पटाखों के अलावा और अन्य कई ऐसी चीजें भी है जिसने प्रदूषण फैलता है। हाँ आप की बात बिल्कुल सही है, बेशक सिर्फ पटाखों से प्रदूषण नहीं फैलता, लेकिन हर साल दीपावली से पहले कई वजहों से प्रदूषण इतना बढ़ जाता है कि उस पर अंकुश लगाना आवश्यक हो जाता है। यानि हमारी प्रकृति, पर्यावरण और मानव इस स्थिति में नहीं हैं कि ये बढ़ते प्रदूषण का दबाव सह सके।

वर्तमान में पटाखों के दाम भी आसमान छू रहे हैं जो हमारे monthly budget को भी हिला देता है। जो पटाखे आज से 10 साल पहले 10 रुपए में मिल जाते थे उनके दाम अब 70 से 80 रुपए तक पहुँच गए है। आज से 10 साल पहले जो लोग झोले भर – भर के पटाखे फोड़ते थे  उनको भी इस महंगाई के दौर में कुछ डिब्बों से ही संतोष करना पड़ता है।

यह भी बात बिल्कुल सही है कि पटाखों को फोड़ने से जितना नुकसान होता है उससे कही ज्यादा इसे न फोड़ने से लाभ होता है। इसलिए जिस प्रकार रौशनी का पर्याय दीपक अपना सर्वस्व जलाकर, अपने प्राणों को बिखेरकर, पुरे आशा तथा उमंग के साथ जलता है वैसे ही क्यों न हम लोग भी थोड़ी सूझ – बूझ के साथ इस बार प्रदूषण रहित दीवाली मनाने की ज्योति जलाए। यह काम मुश्किल नहीं है आप थोड़ी सूझ बूझ और समझदारी से प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की कोशिश कर, दिवाली की खुशियों को दोगुनी कर सकते है।

चूकी दिवाली रौशनी का त्यौहार है इसलिए सबसे अच्छा विकल्प यह हो सकता है कि पटाखे न ही खरीदे। पटाखे न खरीदने का फैसला आपका जेब खर्च बचाने के साथ – साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी आपका योगदान होगा। पर कभी – कभी परिवार की खुशी के लिए या बच्चों के जिद करने पर पटाखे खरीदने पड़ जाते है। लेकिन कुछ ऐसे भी तरीके है जिन्हें अपनाकर पटाखों (Crackers) पर होने वाले खर्चो को बचाकर दिवाली का आन्दोत्सव पर्व मनाया जा सकता है।

तो आयिए जानते है कि पैसे बचाकर कैसे मनाएं खुशियों से भरपूर इको फ्रेंडली दिवाली – 5 Ways To Become Eco Friendly (Pradushan Rahit Diwali) & Save Money this Diwali In Hindi 

अपनी जरूरत को समझें 

सबसे important बात कि प्रदूषण रहित पटाखे ही खरीदे साथ ही इस बात को समझें कि आप को पटाखों की जरुरत है कि नहीं और यदि है तो कितनी। क्योंकि कभी – कभी ऐसा होता है कि लोग एक – दूसरे की देखा – देखी में पटाखे खरीद लाते है जबकि ज्यादा पटाखों की उन्हें जरुरत भी नहीं रहती है। इसलिए जितनी जरुरत हो उतने ही पटाखे खरीदे। इससे आपका पैसा बर्बाद नहीं होगा यानि save money by understanding your needs.

आखिरी समय में करें खरीदारी 

अगर आपको अधिक मात्रा में पटाखों की जरुरत है तो आप थोक भाव में तथा आखिरी समय में खरीदने का विचार कर सकते है क्योंकि इस वक्त दुकानदार कही पटाखे बच न जाए यह सोचकर अपना stock खत्म करना चाहता है। ऐसे समय में खरीदने पर आप को पटाखों पर अच्छा discount मिल जाएंगे और आपकी बचत हो जाएगी।

सामूहिक रूप से पटाखे जलाए 

इस उत्सव का जन्म ही सामूहिकता की भावना के साथ हुआ है। पटाखों पर होने वाले खर्च को कम करने का यह एक अच्छा तरीका हो सकता है कि आप सामूहिक रूप से पटाखे जलाए। इस तरह की आतिशबाजी में सभी परिवारों से एक समान पैसा लेकर तथा एक समान पटाखे खरीद कर जलाए। इससे आपके आतिशबाजी का आनन्द दोगुना हो जायेगा क्योंकि समूह में दिवाली मनाने का अपना अलग ही मजा है।

दूसरों को पटाखे जलाते हुए देख हो आनन्दित 

Pradushan Mukt Diwali Par Nibnadh
Pradushan Mukt Diwali Par Nibnadh

हर इंसान की आर्थिक स्थिति एक समान नहीं होती है। किसी के पास पटाखों को खरीदने के लिए पैसे होते है लेकिन समय नहीं होता तो कहीं किसी के पास समय होता है तो पैसा नहीं होता है। लेकिन समझदारी तो यही है कि कोई भी अपनी मेहनत की कमाई को बर्बाद नहीं  करना चाहेगा।

इसलिए आप चाहे पटाखे खरीद सके या न खरीद से पर जेब बचत का एक अच्छा तरीका हो सकता है कि आप दूसरों को पटाखे जलाते हुए भी तो देखकर आनंदित हो सकते है। उसके लिए आपको कोई नहीं रोक सकता है। कुछ पटाखे तो ऐसे होते है जो ऊपर आसमान में जगमगाते है और सभी के मन को मोहने वाले होते है।

अवैध आतिशबाजी से बचे 

“सस्ता पड़ेगा महंगा” कई अवैध आतिशबाजी जो कम दामों में मिलते है उन्हें खरीदने से बचे। हर साल हजारों लोग पटाखों से झुलस जाते है। सैकड़ों लोग विकलांग हो जाते है। इसलिए सस्ते के चक्कर में ऐसे पटाखों को खरीदने से बचे और इस प्रकाश पर्व (diwali) को दुर्घटनामुक्त बनाएँ । इन बातों पर विचार करके आप पटाखों पर होने वाले खर्चो को कम कर सकते है
Pradushan Mukt Diwali Essay-Nibnadh
Pradushan Mukt Diwali Essay-Nibnadh

Diwali में कुछ सावधानियां :

  • पटाखों को किसी खुली जगह पर ही जलाएं।
  • पटाखों को दूर से ही जलाए। बेहतर होगा कि किसी लम्बे डंडे में मोमबत्ती या अगरबत्ती बांध कर पटाखों को जलाएं।
  • बच्चो को अकेले पटाखे न जलाने दे।
  • किसी अकस्मात घटना के समय उपयोग करने हेतु 2-3 बाल्टी पानी का इन्तेजाम रखे।

विनम्र निवदेन –

दोस्तों आज हमारा पर्यावरण इतना दूषित हो चुका है कि ठीक दीपावली से पहले देश के सर्वोच्च अदालत को पटाखे बेचने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित करना पड़ जाता है। इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि पर्यावरण और इस दीपोत्सव की खुशियों को देखते हुए दिवाली के अवसर पर आतिशबाजी में रूपये व्यर्थ करने की जगह वही पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यवरण को हरा-भरा बनाने पर खर्च करे। दिवाली ख़ुशी और स्नेह का परिचायक है। इस पर व्यर्थ की बर्बादी उचित नहीं।  

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Babita Singh
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