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प्रेगनेंसी के बाद देखभाल नई माँ की (Delivery Ke Baad Care in Hindi)

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Delivery ke baad care : अब वह दिन नहीं रहा जब माँ बनने के बाद एक महिला की पहचान बच्चों और घर – परिवार की जिम्मेदारियों में उलझी एक मोटी और बेडौल महिला के रूप में होती थी | आज महिलाएं न केवल पति और बच्चों को बल्कि उससे जुड़े हर ब्यक्ति को, रिश्तेदारों और परिचितों को खुश रखने के साथ अपने कार्यक्षेत्र की सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही है |

माँ बनने के बाद भी अपने स्वास्थ्य और फिगर के प्रति भी पूरी तरह सजग है पर फिर भी बहुत सी महिलाएं है जो सोचती है कि ऐसा तो सेलिब्रिटी महिलाओं और समाज के उच्च वर्ग की महिलाओं के लिए ही सम्भव है, तो यह पूरी तरह गलत है |

हमारे देश में अपने सौंदर्य और सेहत को बनाएं रख पाना एक माँ के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि बच्चों की जरुरतो, परिवार और खुद की सेहत के बीच तालमेल बिठाना आसान नहीं होता है लेकिन यह असंभव भी नहीं है |

Pregnancy ke baad care
Pregnancy ke baad care

प्रेगनेंसी के बाद देखभाल (Delivery ke baad Care In Hindi) 

मातृत्व बेहद खूबशूरत एहसास है | मगर मां होने के एहसास से जुडी जिम्मेदारियां उतनी ही जटिल हैं | बच्चे के जन्म के समय स्त्री के शरीर, भावनाओं सहित सामाजिक रिश्तों तक में कई बदलाव आते हैं | नींद पूरी न होने व दिनचर्या बिगड़ने से उसमे चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, थकान, मूड स्विंग जैसे लक्षण दिखने लगते हैं |
एक शोध के मुताबिक लगभग 13 फीसदी स्त्रियां प्रसव के बाद डिप्रेशन से जूझती हैं | हालांकि ये बदलाव अस्थाई होते हैं, लेकिन समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इससे स्त्री में नकारात्मक दृष्टिकोण व असुरक्षा भय पैदा होने लगता है |
अकसर हम देखते है कि बच्चे की जरूरतों का ध्यान तो मां रखती है और अपने आप को कम महत्व देने लगती है पर आपको पहले खुद का ध्यान रखना होगा क्योंकि आप खुद ठीक रहेंगी तभी तो अपने बच्चे कि सही देखभाल कर सकेंगी |
आपको यह बता दूँ कि आप से ज्यादा अच्छी तरह से बच्चे की देखभाल कोई और नहीं कर सकता | इसलिए बच्चे के जन्म के बाद खुद पर जिम्मेदारियों का बोझ ना डालें और अपने शरीर को ठीक होने के लिए समय दें |

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यदि आप बच्चे के जन्म के बाद भी अपने फिगर को पहले जैसा रखना चाहती है , तो आपको गर्भावस्था के दौरान से ही निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए :
1-     Delivery  ke baad care आप को खुद करनी होगी | अपने बढे हुए वजन को लेकर चिंतित होने से कोई फायदा नहीं |  गर्भावस्था के दौरान मां का वजन 8 से 10 किलो तक बढ जाता है जो कि normal है | अपने वजन को धीरे – धीरे कम होने दें | वजन कम करने की प्रक्रिया और तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे आपका बच्चा किसी भी तरह से प्रभावित न हो | कम से कम छह महीने का शेड्यूल बनाएं | क्योंकि शरीर को सामान्य होने में समय लगता है |

2-       बच्चे के जन्म के 6 – 8 सप्ताह तक हल्की – फुल्की एक्सरसाइज भी न करें , सिजेरियन हुआ हो तो कतई नहीं | इस दौरान शरीर को पूरा आराम दें | आप चाहे तो थोड़ी देर हल्के क़दमों से पैदल चल सकती हैं |

3-       अगर बच्चे के जन्म के समय कोई जटिलता आई हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के एक्सरसाइज बिल्कुल ना करें | अगर आपने अपनी शारीरिक जटिलताओं को नजरअंदाज कर व्यायाम किया तो इसके परिणाम काफी नकारात्मक हो सकते है |

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4-       Delivery  ke baad care के लिए आप चाहे तो काउंसिलिंग की मदद ले सकती है | इसके लिए डॉक्टर आप को आपकी शारीरिक रचना , स्वास्थ्य के स्तर के आधार पर परामर्श देगें |

5-       Delivery ke baad care के लिए आजकल  बच्चे के जन्म के बाद ( पोस्ट नैटल ) योग क्लास भी उपलब्ध है |

6-       शरीर की स्टैमिना बढाने के लिए अपने शरीर को आराम दें | एक मां को सबसे ज्यादा समझौता जिस चीज से करना पड़ता है , वह है नींद | इसलिए जब भी आपको मौका मिले , सोएं | कोशिश करें कि जब बच्चा सो रहा हो तो उसके साथ ही सो लें | टुकड़ो में ही सही पर आप को सोने का मौका मिल जायेगा | इससे आप फ्रेश महसूस करेंगी |

7-       खाना 5 – 6 बार में थोड़ा – थोड़ा करके खाएं | सुबह का नाश्ता अवश्य करें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं |

8-       प्रसव के तुरन्त बाद डाइटिंग नहीं करना चाहिए | यह आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है | क्योंकि प्रसव के बाद छह हप्तों तक शरीर को सामान्य अवस्था में आने के लिए अतिरिक्त उर्जा की आवश्यकता होती है | इन छह हप्तों के बाद धीरे – धीरे अपने खान – पान को नियंत्रित करना शुरू कर दें |

9-       प्रोटीन और रेशेयुक्त खाद्य पदार्थ खाएं | इससे आप की भूख काफी नियंत्रण में रहेगी | अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से मिलकर आप अपने लिए डाइट चार्ट भी प्लान कर सकती हैं | इससे आप को कमजोरी भी नहीं आयेगी और आप का वजन भी नियंत्रण में रहेगा |

Delivery ke baad care in hindi
Delivery ke baad care in hindi
      10-   बच्चे को स्तनपान जरुर कराएं | बच्चों को दूध पिलाने में लगभग 500 कैलोरी खर्च हो जाती है जिससे बच्चे के जन्म के बाद माँ को वजन कम करने में आसानी होती है | गर्भावस्था के दौरान जो वसा जमा हुई रहती है उसका उपयोग दूध के निर्माण में होता है जिससे शरीर पर चर्बी की परते प्राकृतिक रूप से कम होने लगती है |
     माँ बनने के बाद मनचाही fitness मिल जाना असम्भव – सी बात लग सकती है लेकिन लगातार सही दिशा में कोशिश करने से आप आपने मनचाहे लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है | बिना योजना के कोई भी लक्ष्य नहीं प्राप्त  किया जा सकता है | अगर आप fit है तो दिमाग भी खुश रहेगा और आप की जिंदगी भी | इसलिए उठिए और अपनी सेहत के लिए कुछ कीजिए |
निवदेन – 
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